महिला की मौत की घोषणा के काफी देर पहले से पोस्टमार्टम की तैयारी पूरी कर ली गई थी। डॉक्टरों की टीम तय थी। मगर घोषणा के चलते डॉक्टरों के वहां पहुंचने में देरी हुई। रात में डॉक्टर मयंक बंसल, गजेंद्र सिंह व ज्योति शर्मा का पैनल पोस्टमार्टम के लिए पहुंचा। इस दौरान वीडियोग्राफी के बीच पैनल ने पोस्टमार्टम किया और रात 1:40 बजे शुरू हुआ पोस्टमार्टम 3:10 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान सिर के अलावा किसी अन्य हिस्से में कोई अन्य खरोंच या चोट नहीं पाई गई। हां, सिर की चोट पर भी पट्टी थी और ऑपरेशन हो चुका था। इसलिए ज्यादा कुछ बताया नहीं जा सका। सिर के सीधे हिस्से से गोली घुसी और पार हो गई। इस जख्म के चलते महिला शॉक/कोमा में चली गई। इसी से मौत होने का उल्लेख पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि आधा हिस्सा पूरी तरह डेमेज था। इस बात की गवाही पट्टी दे रही थीं।
महिला की मौत पर दुख : भाकपा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कें सचिव इकबाल मंद ने ऊपरकोट कोतवाली में गोली लगने से घायल महिला इशरत निगार की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने दरोगा को जल्द गिरफ्तारी किया जाए और निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया द्वारा दोषी का सजा दिलाए जाए, ताकि जनता का विश्वास पुलिस में हो।
अभी मुकदमे पर बनी सहमति, बाकी बात सोयम के बाद
मां की मौत के बाद बेटे ईशान ने बताया कि हमने जो मांग रखी थीं, उनमें से मुकदमे की बात मान ली गई है। हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी प्रति हमें मुहैया करा दी गई है। बाकी मांगों को लेकर अब सोयम के बाद पुलिस प्रशासन से बात होगी। बता दें कि किसी परिवार में इंतकाल के दो दिन बाद सोयम की रस्म होती है।
फिलहाल छह लाख रुपये आर्थिक मदद तय, बाकी इंतजार
इस मामले में परिवार की ओर से एक करोड़ मुआवजे के अलावा एक सरकारी नौकरी, दरोगा व थाना स्टाफ की बर्खास्तगी की मांग रखी गई। साथ में हत्या में मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी गई। मुकदमा हत्या में कर लिया गया है। बाकी एक लाख रुपये उपचार के लिए रेड क्रास सोसाइटी से व पांच लाख रुपये शासन से अनुमति मिलने पर देना तय किया गया है। बाकी मुआवजा शासन के निर्देश पर दिया जाएगा। डीएम इंद्रविक्रम सिंह ने बताया कि शासन ने पांच लाख रुपये की सहमति दे दी है। वहां से इशारा मिलते ही रकम दे दी जाएगी। बाकी जो शासन से तय होगा, उसके अनुसार दिया जाएगा।
इस घटना की जांच के लिए सपा का एक दल शनिवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा। इस संबंध में प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल द्वारा बनाए गए जांच दल में पूर्व विधायक जफर आलम, पूर्व सांसद चौ.बिजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी, जिला महासचिव मनोज यादव, शहर विधानसभा अध्यक्ष मो.साजिद को शामिल किया है। सपा कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को परिवार से मुलाकात करने के लिए बुलाने की कोशिश कर रहे हैं।
किसी भाजपाई के न आने से नाराजगी
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह खान ने इस घटना में आज तक किसी भाजपाई के हाल लेने न आने पर नाराजगी जताई है। पूर्व विधायक ने कहा कि पहले ऐसा नहीं था। अलीगढ़ हमेशा भाईचारे का शहर रहा है। किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई भी जनप्रतिनिधि हो जनता के सुख-दुख में शामिल हुआ है। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है। कोई भाजपाई महिला का हाल जानने या अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा। जबकि सांसद-विधायक चुने जाने के बाद सभी के होते हैं। इंसान होते के नाते हमको यह नहीं भूलना चाहिए कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।
अंतिम संस्कार के समय लगा रहा सियासी जमावाड़ा
सुबह अंतिम संस्कार के समय घर से लेकर शमशान तक सियासी जमावाड़ा लगा रहा। मौके पर पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, कांग्रेस नेता विवेक बंसल, बसपा नेता सलमान शाहिद, सपा नेता अज्जू इशहाक, कांग्रेस से आलोक गौड़, सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर, बाबा फरीद आजाद, काशिफ आब्दी, सपा जिला महासचिव मनोज यादव, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी, कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन, राजेश राज जीवन, जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, अनवर अकील आदि तमाम लोग परिवार के साथ मौजूद रहे।