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अलीगढ़ : करोड़ों रुपये के फिटनेस सेंटर के लिए नहीं मिल रहे निवेशक

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वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए अप्रैल में करोड़ों रुपयों से फिटनेस सेंटर स्थापित होना था। इसके लिए स्वचालित मशीनों से परीक्षण के बाद ही वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी होना था। लेकिन सेंटर स्थापित करने के लिए कोई निवेशक आगे नहीं आया है।
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केंद्रीय मोटरयान नियमावली में किए गए 21वें संशोधन के बाद अब स्वचालित परीक्षण स्टेशन (फिटनेस सेंटर) जगह-जगह स्थापित होने हैं। इस सेंटर के लिए जमीन, करोड़ों रुपयों की मशीनें आदि स्थापित होनी हैं। इन स्वचालित मशीनों की रिपोर्ट के आधार पर ही फिटनेस का प्रमाणपत्र जारी होगा। इसके लिए करोड़ों रुपयों का निवेशक चाहिए था। शासन ने फिटनेस सेंटर के लिए आवेदन भी मांगे। लेकिन अभी तक एक भी आवेदन फिटनेस सेंटर के लिए नहीं हुआ है। ऐसे में फिटनेस की व्यवस्था फिलहाल आरटीओ दफ्तर से संचालित होगी।
ये होगी व्यवस्था
फिटनेस सेंटर में विभिन्न ब्रांडों की कारों के हिसाब से मशीनें स्थापित होंगी, जिनके संचालन के लिए एक मुख्य प्रधान होगा, जो मोटरगाड़ी, यांत्रिकी, विद्युत या इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर में स्नातक होगा। इसके अलावा, पांच वर्ष का यान निरीक्षण, विनिर्माण या सुधार का अनुभव होना चाहिए। सूचना प्रौद्योगिकी प्रभारी के रूप में इंजीनियर या कंप्यूटर विज्ञान में प्रौद्योगिकी स्नातक ही इस पद पर रखा जाएगा। कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा या स्नातक करने वाला व्यक्ति डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में काम करेगा। मोटरगाड़ी सुधार और अनुरक्षण का तीन वर्ष का अनुभव रखने वाले डिप्लोमाधारी या स्नातक व्यक्ति को पथ प्रभारी की जिम्मेदारी दी जाएगी। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से डिप्लोमा, विद्युतकार डिप्लोमा, यांत्रिकी या विद्युत डिप्लोमा के साथ मान्यता प्राप्त संगठन या संस्थान से दो वर्ष का अनुरक्षण अनुभव रखने वाले को अनुरक्षण तकनीशियन पद की जिम्मेदारी मिलेगी। इन सभी लोगों की नियुक्ति फिटनेस सेंटर में की जाएगी।
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फिटनेस सेंटर के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। यह आवेदन शासन स्तर पर एक विंडो वेबसाइट पर होना है। इसीलिए आवेदन स्वीकृत होने के बाद ही फिटनेस सेंटर स्थापित होगा।
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- केडी सिंह गौर, आरटीओ।
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