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ओएलएफ छात्रा खुदकुशी प्रकरण: सिस्टर ज्योत्सना ने प्रबंधन को सौंपी जांच रिपोर्ट, आए ढ़ेर सारे सुझाव-शिकायत

Thu, 23 May 2024 04:01 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मामले की जांच के लिए पूर्व प्रधानाचार्या सिस्टर ज्योत्सना को यहां जांच के लिए भेजा था। सिस्टर ज्योत्सना ने यहां कई दिन तक रहकर विद्यालय शिक्षक स्टाफ व छात्र-छात्राओं से अलग अलग संवाद किया। उन्होंने छात्र छात्राओं से संवाद में शिकायतें व समस्याएं पूछीं तो किसी ने खुलकर नहीं बताया।
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ऑवर लेडी फातिमा स्कूल के बाहर किया था छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ के अवर लेडी फातिमा स्कूल (ओएलएफ) की छात्रा द्वारा आत्महत्या और छात्रों के प्रदर्शन के बाद शीर्ष प्रबंधन द्वारा पूर्व प्रधानाचार्या से कराई गई जांच पूरी हो गई है। जांच के लिए आईं सिस्टर ज्योत्सना ने अपनी रिपोर्ट शीर्ष प्रबंधन को सौंप दी है। हालांकि, उन्होंने जांच रिपोर्ट के विषय में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।

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घटनाक्रम के अनुसार पिछले पखवाड़े ओएलएफ की एक छात्रा ने स्कूल से घर जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, इस मामले में परिवार ने किसी तरह की कार्रवाई से इंकार कर दिया था। स्कूल के साथी छात्रों ने इस घटना के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्या और विद्यालय के माहौल को जिम्मेदार माना था। परिवार व विद्यालय ने छात्रा के पढ़ाई में कमजोर होने के कारण आत्महत्या करना माना था।

मगर, छात्रों का कहना था कि वह स्कूल में किसी सहपाठी संग बात कर रही थी। इसी बात पर अनुशासन समिति ने उसे प्रधानाचार्या के पास ले जाकर खड़ा कर दिया। प्रधानाचार्या ने उसे बेइज्जत किया और फिर परिवार को बुलाकर उनको सौंप दिया। नाम काटने तक की बात कही। उसके बाद घर जाकर छात्रा ने आत्महत्या कर ली। इसे लेकर छात्रों ने प्रदर्शन भी किया था। जिसमें प्रधानाचार्या को इस मौत का जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की मांग रखी थी।

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विद्यालय में उपजे इस माहौल की खबर शीर्ष प्रबंधन तक पहुंची तो उन्होंने मामले की जांच के लिए पूर्व प्रधानाचार्या सिस्टर ज्योत्सना को यहां जांच के लिए भेजा था। सिस्टर ज्योत्सना ने यहां कई दिन तक रहकर विद्यालय शिक्षक स्टाफ व छात्र-छात्राओं से अलग अलग संवाद किया। उन्होंने छात्र छात्राओं से संवाद में शिकायतें व समस्याएं पूछीं तो किसी ने खुलकर नहीं बताया।

बाद में उन्होंने छात्र-छात्राओं के समक्ष प्रस्ताव रखा कि वे बिना नाम पहचान खोले अपनी शिकायतें व सुझाव लिखित में दे सकते हैं। इस पर 350 से अधिक बच्चों ने शिकायत व सुझाव दिए थे। दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं के बच्चों के बीच संवाद के बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद वे कई दिन तक यहां माहौल सामान्य करने के लिए रुकीं। बाद में उन्होंने अपनी रिपोर्ट शीर्ष प्रबंधन को सौंप दी है। अब चूंकि विद्यालय बंद हैं। इसलिए स्कूल खुलने पर किसी तरह की जानकारी सामने आ सकती है। वहीं विद्यालय में प्रत्येक कक्षा में एक अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती व एक उच्च स्तर से काउंसलर की तैनाती तय हो गई है।
मुझे शीर्ष प्रबंधन ने जांच करने व माहौल समझने के लिए भेजा था। मैंने रिपोर्ट तैयार कर दी है। जिसमें बच्चों द्वारा दिए गए सुझाव व शिकायतें भी शामिल हैं। रिपोर्ट मैंने शीर्ष प्रबंधन को सौंप दी है। उसमें अपनी राय भी रखी है। मगर वह गोपनीय है। रहा सवाल रिपोर्ट पर निर्णय का तो वह शीर्ष प्रबंधन द्वारा लिया जाएगा। वहीं से कुछ अवगत कराया जा सकेगा।-सिस्टर ज्योत्सना, पूर्व प्रधानाचार्या ओएलएफ
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