इन दोनों टोलों के बीच सीमा बंधी हुई है। गभाना टोल की सीमा बुलंदशहर बॉर्डर से शुरू होकर अलीगढ़ में बोरना तक रहती है। 70 किमी के बीच के इस हिस्से में दो एंबुलेंस व दो क्रेन रहती हैं। जो इधर से उधर घूमती हैं। रात में इस बीच न तो कहीं एंबुलेंस दिखी न क्रेन दिखी। हां हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ी जरूर टोल पर खड़ी थी। बोरना से अकराबाद, सिकंदराराऊ होते हुए मलावन एटा में पडऩे वाले टोल तक 90 किमी की दूरी की सीमा अकराबाद टोल स्टाफ के पास है। इस टोल के पास एक एंबुलेंस व एक क्रेन है। मतलब दुर्घटना अलीगढ़ में हुई है। उस समय क्रेन व एंबुलेंस मलावन के आसपास है तो वहां से कोहरे में दो घंटे में आने के बाद ही मदद मिलेगी।
इधर, बात अगर प्रदेश सरकार के निर्देश पर चार संयुक्त विभागों की टीम द्वारा हाईवे की 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की करें तो वह भी रात में गायब थी। दोनों टोलों में से किसी टोल पर वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाने का काम भी नहीं होता मिला।
हमारी टीम 24 घंटे हाईवे पेट्रोलिंग करती है। सभी लाइटें चालू हैं, किस पुल पर किस वजह से रात में लाइटें बंद थीं। ये देखने का विषय है। इसकी जांच कराई जाएगी। बाकी लोगों को लगातार जागरूक करने के लिए उद्घोषणा भी की जा रही है।-अजीत यादव, पीडी, एनएचएआई
ये भी जानें
- 12 से 15 हजार वाहन प्रतिदिन अकराबाद टोल से गुजरते
- 22 से 25 हजार वाहन प्रतिदिन गभाना टोल से गुजरते हैं