अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संरक्षण में चलने वाले अलीगढ़ पब्लिक स्कूल (एपीएस) के खातों के लेन-देन की जांच शुरू हो गई। 4.8 करोड़ रुपये के दूसरे बैंक खाता में ट्रांसफर की पुष्टि के बाद जांच एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और कई बड़े नाम रडार पर आ गए हैं।
एपीएस के यस बैंक खाते से केनरा बैंक में अलीगढ़ पब्लिक स्कूल शिक्षा समिति के खाते में 4.8 करोड़ रुपये भेजे गए। शुरुआती जांच में ही गड़बड़ी सामने आने के बाद इस पूरी राशि फ्रीज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि गहराई से जांच होने पर यह रकम और भी बढ़ सकती है।
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि वर्ष 2017 में एपीएस शिक्षा समिति” का गठन हो गया था, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन को इसकी जानकारी 27 मार्च 2026 को मिली। इससे पूरे सिस्टम की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने कहा कि जांच जारी है और कई अन्य नाम भी दायरे में आ सकते हैं। वित्तीय लेन-देन, दस्तावेज और नियुक्तियों की गहन जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ओएसडी प्रो. जकिया अतहर को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह प्रो. इसार रिजवी को नया ओएसडी बनाया गया है।
नियुक्तियों पर भी सवाल
एपीएस में उप-प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत इरफान नकवी की नियुक्ति भी अब विवादों में है। जांच में सामने आया है कि उन्हें यूनिवर्सिटी से अधिकृत नहीं किया गया था, जिससे प्रशासनिक अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं। प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने पुष्टि की है कि जांच जारी है और हर पहलू को खंगाला जा रहा है। उप प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत इरफान नकवी की नियुक्ति भी जांच के घेरे में है, क्योंकि उन्हें यूनिवर्सिटी से अधिकृत नहीं पाया गया।