एबीएपी के महासचिव व कुलपति प्रो केआरएस संबासिवा राव ने कहा कि मेडिकल और बायोमेडिकल के क्षेत्र में नैनो टेक्नोलॉजीज एक वरदान के रुप में उभर रही है। प्रो. रिजवान हसन खान, प्रो. सुशांत श्रीवास्तव और प्रो. विनोद वी.टी. पाडिल को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। एबीएपी द्वारा नैनो साइंस एवं टेक्नोलॉजी में उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए डॉ चित्तरंजन पात्रा को गोल्ड मेडल दिया। वैज्ञानिक डॉ आरएस प्रकाशम, डॉ रामबाबू डंडेला, डॉ नन्डेला रामा राव को वरिष्ठ वैचानिक सम्मान, डॉ टिकम चंद डकल, डॉ विशाल त्रिवेदी, डॉ केवीजी चन्द्रशेखर को प्रतिभावान युवा वैज्ञानिक सम्मान दिया।
डॉ नितिन सेठ, डॉ आलोक धवन, डॉ मोहन कृष्णा रेड्डी, डॉ ज्वाय कृष्णा जेना को मानद फेलो बनाया। डॉ देव प्रकाश दहिया, डॉ चन्द्रमा पी. उपाध्याय, डॉ श्याम एस. मोहपात्रा, डॉ शुभ्रा मोहपात्रा, डॉ रंजीत सिंहं, डॉ हितेन्द्र एम. पटेल, डॉ धु्रवा मालाकर, डॉ अभय हरिराम पांडेय, डॉ रविकांत, डॉ दिनेश कुमार शर्मा, डॉ अब्दुल वदूद सिद्दीकी, डॉ सुनील गुप्ता को फेलो बनाया गया।
सम्मेलन में स्मारिका का विमोचन हुआ। आभार प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी ने व्यक्त किया। संचालन दीपिका बांदिल ने किया। इस दौरान डीन अकादमिक प्रो. राजीव शर्मा, आईक्यूएसी डारेक्टर डॉ राजेश उपाध्याय, डारेक्टर, आईएलएसआर प्रो. जहीरूद्दीन, डॉ रोबिन वर्मा, डॉ आशुतोष सक्सेना आदि मौजूद रहे।