उर्दू एकेडमी के उप निदेशक डॉ. जुबैर शादाब ने बताया कि यूजीसी से मिले अनुदान से एकेडमी के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर, एसी मिले थे, लेकिन जब एकेडमी को दूसरी इमारत में स्थानांतरित किया गया तो उसे फर्नीचर, कंप्यूटर, एसी नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि सेमिनार के लिए अनुदान की खातिर यूजीसी को कई बार पत्राचार भी किया गया है।
केवल चार मेज, आठ कुर्सिया मिलीं
डॉ. जुबैर ने बताया कि एकेडमी के खाते में केवल चार मेज और आठ कुर्सियां आईं। एकेडमी की लाइब्रेरी, कांफ्रेंस, कंप्यूटर लैब के लिए 15 कंप्यूटर, 65 कुर्सियां, 18 मेज, 33 अलमारी, 9 एसी, सोफा सेट आए थे, जिसे वापस नहीं किया, बल्कि उर्दू विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया।