15 मार्च 2017 को नगलिया पला सल्लू हाईवे पर राजवती सड़क पार कर रही थीं। तभी बस चालक ने टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। राजवती मुखिया होने के नाते किसान भी थीं। ऐसे में मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना पाने की हकदार थीं। मगर, बीमा कंपनी ने मीना को मृतका आश्रित नहीं माना और याचिका निरस्त कर दी।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष शंकर लाल, वरिष्ठ सदस्य सत्यदेव, सदस्य आरती की पीठ ने सड़क दुर्घटना में महिला किसान की मौत के मामले में बीमा कंपनी को पांच लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
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हरदुआगंज के गांव बरौठा निवासी मीना पत्नी तेजवीर ने स्थायी लोक अदालत में ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के मंडलीय प्रबंधक सेंटर प्वाइंट के खिलाफ वाद दायर किया था। मीना ने कहा कि 15 मार्च 2017 को नगलिया पला सल्लू हाईवे पर उनकी सास राजवती सड़क पार कर रही थीं। तभी बस चालक ने टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। इस मामले में गभाना थाने में मुकदमा हुआ। राजवती मुखिया होने के नाते किसान भी थीं। ऐसे में मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना पाने की हकदार थीं।
मगर, बीमा कंपनी ने मीना को मृतका आश्रित नहीं माना और याचिका निरस्त कर दी। इस मामले में स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को पांच लाख रुपये याचिका रद् किए जाने की तिथि से एक हजार रुपये प्रति सप्ताह देने के लिए कहा है। साथ ही वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।