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कोतवाली गोली कांड: महिला की गोली लगने से मौत के मामले में दरोगा-मुंशी को क्लीनचिट, घटना इत्तेफाकिया करार

Wed, 20 Mar 2024 05:19 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

ऊपरकोट कोतवाली के मुंशियाने में दरोगा के हाथ से गोली चली। गोली लगने से महिला घायल हुई थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। दरोगा और मुंशी को गिरफ्तार किया गया था। मामले में दरोगा और मुंशी को क्लीन चिट दे दी गई है।
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आरोपी दरोगा मनोज शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अलीगढ़ के ऊपरकोट कोतवाली के मुंशियाने में दिसंबर में हुए गोलीकांड के मुकदमे में आरोपी दरोगा-मुंशी को बड़ी राहत मिली है। गोलीकांड में मृत महिला के परिवार ने घटना को इत्तेफाकिया करार दिया है। जिसके आधार पर पुलिस विवेचना में साक्ष्य न पाए जाने का उल्लेख कर अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। साथ में रिहाई संबंधी रिपोर्ट दी। इसी क्रम में महिला की हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध दरोगा को अदालत के आदेश पर रिहा कर दिया गया। बता दें कि इस घटना का सह आरोपी मुंशी पहले से जमानत पर बाहर था। 

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घटनाक्रम के अनुसार तुर्कमान गेट चौकी क्षेत्र के हड्डी गोदाम इलाके के बुजुर्ग हार्डवेयर/ताला व्यापारी शकील खां की पत्नी इशरत निगार (55) पासपोर्ट सत्यापन के सिलसिले में बेटे ईशान संग कोतवाली गई थीं। उन्हें कोतवाली से फोन आया था। दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास वे मुंशियाने में पहुंचकर वहां मौजूद मुंशी (कार्यालय पुलिसकर्मी) से बात कर रही थीं। 

 तभी मुंशी सुदीप यादव ने वहां मौजूद दरोगा मनोज शर्मा को मालखाने से उनकी सर्विस पिस्टल निकालकर दी। दरोगा ने वहीं खड़े-खड़े पिस्टल को चेक करते हुए फायर कर दिया। उनको अंदेशा था कि पिस्टल का चैंबर खाली होगा। मगर, पिस्टल से गोली चल गई, जो सीधे दरवाजे की ओर खड़ी महिला की कनपटी के पास जा लगी। 
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आनन-फानन महिला को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। छठवें दिन देर रात महिला को मृत घोषित कर दिया। इस घटना में पहले ही दिन ईशान ने भुजपुर चौकी प्रभारी दरोगा मनोज शर्मा निवासी खिमावती मुरादनगर गाजियाबाद पर हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें बाद में मुंशी सुदीप निवासी तकीपुरा चौबिया इटावा को भी साजिश व लापरवाही का आरोपी बनाया गया था। महिला की मौत के बाद मुकदमा हत्या व साजिश की धारा में तरमीम किया गया था। सुदीप को महिला की मौत वाले दिन दोपहर में जेल भेजा गया था, जो बाद में जमानत पर रिहा हो गया। मगर दरोगा जेल में ही था।

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ये दी एफआर और रिहाई संबंधी रिपोर्ट

कई दिन से चल रही प्रक्रिया के बाद मामले में चार दिन पहले मुकदमा विवेचना इंस्पेक्टर बन्नादेवी की ओर से अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई। साथ में दरोगा की रिहाई संबंधी (सीआरपीसी की धारा 169) रिपोर्ट  दी गई। जिसमें वादी के न्यायालय के समक्ष हुए बयान, सीसीटीवी के संकलित साक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि खुद वादी ने इसे अचानक इत्तेफाक में गोली लगना माना है।
 
मानवता के चलते कोई कार्रवाई न चाहने की बात कही है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। उस समय मैंने लोगों के कहने पर मुकदमा दर्ज कराया था। सीसीटीवी के परीक्षण से भी घटना अचानक इत्तेफाक से होना पाया है। पोस्टमार्टम में घटना में गोली से जख्मी महिला की मौत सैप्टिक बनने से हुई है। इस तरह दरोगा व मुंशी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न होने पर अंतिम रिपोर्ट दी है। दरोगा को न्यायिक अभिरक्षा से अवमुक्त किया जाए। इस पर न्यायालय ने पुलिस अर्जी स्वीकारते हुए दरोगा मनोज शर्मा को रिहा करने के आदेश दिए। इस आधार पर दरोगा को रिहा कर दिया गया। मुकदमे के पर्यवेक्षण अधिकारी सीओ प्रथम अभय पांडेय ने मुकदमे में एफआर, रिहाई रिपोर्ट व दरोगा की रिहाई की पुष्टि की है। 

ये भी होगी प्रक्रिया
मुकदमे में एफआर के साथ रिहाई रिपोर्ट के आधार पर दरोगा को रिहा किया गया है। अभी एफआर का निस्तारण नियमानुसार वादी को नोटिस जारी कर किया जाएगा। नोटिस पर वादी को अदालत में बुलाया जाएगा। तब एफआर निस्तारित होगी।

विभागीय जांच के आधार पर होगी नौकरी बहाली : एसएसपी 
इस प्रकरण में परिवार के बयानों के आधार पर विवेचना को अंतिम रूप दिया गया। अंतिम रिपोर्ट व रिहाई संबंधी 169 रिपोर्ट दी गई है। मुंशी पहले से जमानत पर है। दरोगा की रिहाई हो गई है। रहा सवाल उनकी नौकरी में बहाली का तो घटना के समय विभागीय जांच भी बैठाई गई थी। उसमें उनकी पुलिस नियमावली संबंधी लापरवाही पर तथ्य देखे गए हैं। अब दोनों को अपना पक्ष भी रखने का मौका मिलेगा। इसकी एक प्रक्रिया है। उन्हें सुनने  और विभागीय जांच रिपोर्ट देखने के बाद नौकरी बहाली पर निर्णय होगा।

ये है घटनाक्रम
  • 8 दिसंबर की दोपहर महिला के गोली लगी
  • 8 दिसंबर की रात दरोगा पर मुकदमा दर्ज
  • 9 दिसंबर को मुकदमे में मुंशी का नाम भी
  • 10 दिसंबर को दरोगा के एनवीडब्ल्यू जारी
  • 12 दिसंबर को दरोगा पर इनाम घोषित 
  • 13 दिसंबर की दोपहर मुंशी को जेल भेजा
  • 13 दिसंबर की रात महिला को मृत घोषित
  • 14 दिसंबर की सुबह शव दफन किया गया
  • 16 दिसंबर को दरोगा गिरफ्तार किया
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