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दरोगा-न्यायिक अधिकारी प्रकरण : जल्द आ सकता है फैसला, एसपी सिटी की जांच टीम दर्ज कर रही बयान

Sun, 22 Sep 2024 04:02 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

दरोगा सचिन कुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें रात दस बजे तक वहां रोके रखा गया। कई बार न्यायिक अधिकारी ने अपने कक्ष में बुलाकर अभद्रता करते हुए धमकाया गया। उन्हें आत्महत्या का कदम उठाने के लिए विवश कर दिया। 
 
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दरोगा को ट्रैक से हटाते सिविल लाइन इंस्पेक्टर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी में तैनात दरोगा द्वारा एक न्यायिक अधिकारी पर अभद्रता और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने में जांच रिपोर्ट जल्द सामने आ सकती है। एसपी सिटी के नेतृत्व वाली जांच टीम अगले एक-दो दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। टीम ने 21 सितंबर को भी प्रकरण से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए। 

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घटनाक्रम सोमवार का है। बन्नादेवी पुलिस ने पांच वाहन चोरों को आठ दो पहिया वाहनों के साथ पकड़ा गया था। इन सभी आरोपियों को रसलगंज चौकी प्रभारी सचिन कुमार रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के लिए लेकर पहुंचे थे। दरोगा सचिन कुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें रात दस बजे तक वहां रोके रखा गया। कई बार न्यायिक अधिकारी ने अपने कक्ष में बुलाकर अभद्रता करते हुए धमकाया गया। उन्हें आत्महत्या का कदम उठाने के लिए विवश कर दिया। 

दूसरे दिन बुधवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिमांड रिपोर्ट भी एसएसपी व सीजेएम को भेजी गई। न्यायिक अधिकारी ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में विधिक सवाल पूछे जाने पर दरोगा पर उल्टे अभद्रता करने और धमकी देकर न्यायालय परिसर से चले जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दरोगा के इस व्यवहार को न्यायालय की अवमानना भी माना है। रिमांड रिपोर्ट के बाद दोनों ओर से जांच कराई जा रही है। जिसके बाद कार्रवाई तय होगी। 
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एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि प्रकरण में जांच अभी जारी है। अब तक मामले में दरोगा समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। एक-दो दिन में अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई तय होगी।

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