फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के गोदामों में राशन वितरण के लिए रखे गेहूं के रखरखाव में बदहाली सामने आ रही है। 15 फरवरी को सूतमिल स्थित एफसीआई के गोदाम पर पाया गया कि हॉल में घुसकर बंदर बोरों को फाड़कर गेहूं खा रहे हैं।
सूतमिल स्थित एफसीआई गोदाम की क्षमता 30 हजार मीट्रिक टन है। यहां पर 6 हॉल में गेहूं का भंडारण किया जाता है। यहां पर शनिवार को पाया गया कि पूरे परिसर में बंदरों का आतंक है। बंदर बिना रोकटोक अंदर घुसकर गेहूं तक पहुंच जाते हैं और बोरों को नुकसान पहुंचाते हैं। ला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि एफसीआई के रखरखाव में ही कमी पाई जा रही है। बंदरों से गेहूं को सुरक्षित रखने के इंतजाम की जिम्मेदारी एफसीआई की है।
एफसीआई के गोदाम पर लगाई फूड इंस्पेक्टरों की ड्यूटी
जांच टीम ने गोदाम पर दो फूड इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगाई है। इसके साथ ही प्रकाश में आया है कि एफसीआई ने गेहूं का रखरखाव ठीक से नहीं किया। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि हरियाणा और पंजाब से गेहूं के आने के बाद उसे गोदाम तक लाने और राशन ठेकेदारों तक पहुंचने के दौरान गुणवत्ता जांच का काम भी एफसीआई का है। यहीं पर लापरवाही हुई है।