परिजन के अनुसार 2 जनवरी की शाम करीब साढ़े छह बजे मां ने छवि से खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन वह कहने लगी कि पहले मोमोज खाएगी, फिर खाना खाएगी। पहले तो मां ने मना किया लेकिन मासूम बेटी की जिद के आगे वह झुक गई।
मां ने 50 रुपये दिए तो छवि ने अपनी चचेरी बहन बुलबुल को भी साथ चलने के लिए कहा। दोनों बहनें घर से करीब सौ मीटर की दूरी पर खैर-टैटीगांव रोड पर लगने वाली रेहड़ी पर पहुंचीं और मोमोज खाए। इसके बाद घर लौट रहीं थीं, तभी हादसे का शिकार हो गईं। कक्षा दो में पढ़ने वाली बेटी छवि की मौत से उसकी मां सहित दोनों बड़ी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
उसकी मां बार-बार अपने आप को कोस रही थी कि बेटी को रुपये क्यों दे दिए? डांटकर चुप करा देती तो वह बाहर निकलती ही नहीं। परिजन ने बताया कि छवि से बड़ी बहन गौरी (12), रिया (10) और सबसे छोटा भाई केशव (2) है। वहीं घायल बुलबुल से बड़े दो भाई गगन (14) व आनंद (13) हैं। मासूम की मौत से परिवार सहित गांव में शोक व्याप्त है।