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चिह्नित इलाकों में हर तीसरे घर का मासूम कुपोषित

Thu, 18 Jan 2018 01:44 AM IST
अभिषेक शर्मा, न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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लक्ष्‍मी को दूध और खिचड़ी ‌खिलाते उसके पिता - फोटो : अमर उजाला
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लक्ष्मी प्रकरण सामने आने के बाद से जारी अमर उजाला की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जिले की दस चिह्नित आबादियों में हर तीसरे घर का मासूम कुपोषित है। जिले में कुपोषित बच्चों की इन टॉप 10 आबादी में 8 गांव और दो शहरी मोहल्ले शामिल हैं। डीपीओ ने यह डाटा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय को भेज दिया है। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में निदेशालय ने यह जानकारी मांगी थी। 
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यह है आंकड़ों का बेसलाइन सिस्टम
कुपोषित बच्चों की रिपोर्टिंग का बेसलाइन सिस्टम आंगनबाड़ी ही हैं। 1 आंगनबाड़ी 1000 की आबादी पर काम करती है। कुपोषित बच्चों की टॉप 10 आबादी में प्रति एक हजार आबादी के आठ गांव और दोनों शहरी मोहल्ले भी इतनी ही आबादी के हैं। इस तरह इन टॉप 10 मोहल्लों की कुल आबादी 10 हजार है। यह आबादी इन मोहल्लों के करीब 1450 घरों में निवास करती है, जिनमें कुल 530 बच्चे कुपोषित हैं। ये सभी बच्चे लाल घेरे में हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि इनमें से 105 बच्चों में सुधार लाने में वे सफल हुए हैं।

जन्म से 6 माह तक सिर्फ  मां का दूध ही पिलाना चाहिए। इसके बाद कॉम्प्लीमेंट्री फीडिंग भी जरूरी है। इसके अलावा स्वच्छता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। यह सब करने के बाद भी कोई बच्चा कुपोषित है तो उसे कोई बीमारी हो सकती है। माता पिता को जागरूक होना होगा।
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-डॉ अंजली रानी, न्यूट्रीशिनिष्ट पोषण पुनर्वास केंद्र अलीगढ़

कुपोषण अधिकतर जन्म से ही होता है। गर्भावस्था में मां का खानपान और जन्म के बाद बच्चे को स्तनपान जरूरी है। 6 माह के बाद डाक्टर द्वारा निर्धारित आहार भी देना चाहिए। कुपोषण बना रहा तो बच्चा बीमारी बीमारी की चपेट में भी आ सकता है। कम अंतर से अधिक बच्चे होना भी बच्चे और मां दोनों को कुपोषित बना सकता है। 
-डॉ इश्तियाक, मेडिकल अफसर डीआईसीए अलीगढ़ 

ये हैं कुपोषण सूची में शामिल टॉप 10 आबादी
गांव/मोहल्ला        कुपोषितों की संख्या
1-बढ़ौली फत्ते खां लोधा    68
2-मिर्जा चांदपुर-1 अकराबाद    67
3-तालसपुर कला लोधा    61
4-मिर्जा चांदपुर-2 अकराबाद    56
5-कजरौठ इगलास        56
6-जवार इगलास        52
7-मामू भांजा शहर        47
8-सराय मियां शहर        41
9-रसूलपुर खैर        41
10-उदयगढ़ी खैर        41
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नोट:  करीब 1450 घरों में कुल 530 बच्चे    कुपोषण के लाल घेरे में हैं।

अब स्मार्ट विलेज फाउंडेशन की बेटी है लक्ष्मी
अमर उजाला की मुहिम रंग लाने लगी है। कुपोषित बच्ची के लिए सामाजिक संगठन आगे आ रहे हैं। बिजौली के गांव सिरसा की 5 वर्षीय लक्ष्मी को स्मार्ट विलेज फाउंडेशन ने फाउंडेशन की बेटी बनाया है। उसके उपचार से लेकर शिक्षा तक पूरी जिम्मेदारी अब फाउंडेशन उठाएगा। साथ ही बदहाली झेल रहे जिले के बाकी कुपोषित बच्चों पर भी फाउंडेशन सक्रिय हो गया है। शासन में शिकायत पर मिशन निदेशक भी एक्टिव हो गए हैं।

यह जानकारी देते हुए फाउंडेशन अध्यक्ष विपिन चौधरी ने कहा कि इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ भी नहीं कि अलीगढ़ की कुपोषित बेटी को उपचार के लिए हरियाणा के आसरे रहना पड़ा। उन्होंने अमर उजाला का आभार व्यक्त किया। साथ ही बताया कि लक्ष्मी का पूरा परिवार बदहाल है। इस हालत में होकर भी वे घुमंतू गायों की सेवा कर सम्मान का कार्य कर रहे हैं। ऐसी बेटी की जिम्मेदारी आज से हम लेते हैं। अब उसे उपचार से शिक्षा तक कोई परेशानी नहीं होगी। बुधवार को उन्होंने डीआईसी व एनआरसी से लक्ष्मी के उपचार का अपडेट लेते हुए संतोष व्यक्त किया। लक्ष्मी के पिता हरिकिशन ने फाउंडेशन अध्यक्ष को अपने घर आमंत्रित किया है। दूसरी ओर विपिन चौधरी ने बताया कि कुपोषित बच्चों के प्रति लापरवाही बहुत ज्यादा है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय सहित चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव और पंचायतराज निदेशक को भी उन्होंने इस बाबत ऑनलाइन शिकायत भेजी हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के मिशन निदेशकों को कार्यवाही के आदेश भी हो गए हैं। 

इन बिंदुओं पर मांगी कार्यवाही
बंद आंगनबाड़ी केंद्रों को सुचारू करने। बेसलाइन सर्वे में हर कुपोषित बच्चे को कवर कराने। गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक तत्व बढ़ाने। पोषाहार के नाम पर सिर्फ  मक्के या बाजरा के आटे की जांच। पोषाहार को बच्चों के खाने लायक बनाने। आंगनबाड़ी या गांव के उपकेंद्र पर बच्चों व महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच। सभी जरूरतमंद कुपोषितों को एनआरसी व डीआईसी तक पहुंचाने ताकि फंड न लौटे। जिन गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं, वहीं पर स्वास्थ्य जांच कराई जाए। कुपोषित बच्चों के आवासहीन परिवारों को आवास व शौचालय। कुपोषित बच्चों के परिवार के बालिगों को मनरेगा में मजदूरी। लापरवाह कर्मियों को चिह्नित कर उनसे नियमित अपडेट सुनिश्चित करें। 
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