करीब एक घंटे तक क्लीनिक के बाहर जाम व हंगामा चला। इस सूचना पर एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, सीओ के अलावा सिविल लाइंस व क्वार्सी थानों का फोर्स पहुंच गया। किसी तरह नौ बजे शुरू हुआ हंगामा साढ़े दस बजे जाकर समझाकर शांत किया जा सका। फिलहाल शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है और क्लीनिक को सील कर दिया गया है। बच्चे के पिता की ओर से तहरीर दी गई है, जिसमें डॉक्टर की गैरमौजूदगी में डॉक्टर के इशारे या कहने पर गलत उपचार देने व बच्चे की हत्या करने का आरोप स्टाफ पर लगाया है। यह भी कहा है कि जिस व्यक्ति ने इंजेक्शन दिया, वह डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर उपचार दे रहा था और खुद को डॉक्टर बता रहा था। बच्चे की मौत के बाद उसने खुद को कंपाउंडर बताया। वहीं पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार मामले में तहरीर, पोस्टमार्टम व जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। फिलहाल परिवार को समझाकर शांत किया गया है।
मैं तीन दिन से शहर से बाहर जयपुर में हूं। वहां मेरा स्टाफ क्लीनिक पर आने वाले सामान्य मरीजों को उपचार देते हैं और गंभीर मरीजों को मना कर देते हैं। इस केस में भी मना किया गया था। मगर बच्चे के परिजन जिद करने लगे। उसे दवा दी गई है, इंजेक्शन नहीं लगाया गया। बाकी आने के बाद ही सच बता पाऊंगा क्या हुआ।-डा.वाईके द्विवेदी
अहोई अष्टमी से एक दिन पहले इकलौते बेटे की मौत
इस मामले में सबसे बुरा हाल उस मां का था, जो रविवार को अहोई अष्टमी पर अपने बेटे की उम्र के लिए उपवास रखने की तैयारी कर रही थी। उससे ठीक एक दिन पहले शनिवार शाम बच्चे की मौत हो गई। दो बेटियों के बाद हुए बच्चे की मौत पर मां को परिवार संभाल नहीं पा रहा था। अहोई अष्टमी से ठीक एक दिन पहले इकलौते बेटे की मौत पर परिवार में कोहराम था।
पत्थर टूटा, नाले में दरोगा
क्लीनिक के बहर के नाले पर भीड़ के वजन के चलते नाले पर रखा पत्थर टूट गया और एक दरोगा नाले में गिर गए। जिन्हें जैसे तैसे पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों ने बाहर निकाला। इस दौरान दरोगा के चोट भी आ गई और वर्दी भी खराब हो गई।