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Aligarh News: उपचार के दौरान मासूम की मौत, जाम-हंगामा, क्लीनिक सील, दो हिरासत में

Sun, 05 Nov 2023 12:18 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सुरेंद्र नगर निवासी लोकेश राजपूत के पांच माह का बेटा देवांश था। 3 नवंबर को उसे दस्त हुए थे। बच्चे को रामघाट रोड स्थित बाल रोग विशेषज्ञ डा.वाईके द्विवेदी के क्लीनिक से दवा दिलाई। डाक्टर की गैरमौजूदगी में कंपाउंर ने सुबह व फिर शाम को भी दवा दी। उसके बाद बच्चे की तबियत बिगड़ी और बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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बेटे की मौत के बाद बिलखते परिजन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ के रामघाट रोड इलाके के प्रख्यात बाल रोग विशेषज्ञ डा.वाईके द्विवेदी के क्लीनिक पर उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई। 4 नवंबर देर शाम हुए घटनाक्रम पर बिफरी पब्लिक ने डॉक्टर की गैरमौजूदगी में कंपाउंडर पर हेवीडोज इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए जबरदस्त हंगामा किया और रामघाट रोड पर जाम लगा दिया। जाम-हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस प्रशासनिक टीम ने करीब डेढ़ घंटे के प्रयास के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल तहरीर लेकर क्लीनिक से दो लोग हिरासत में लिए हैं। क्लीनिक को सील कर दिया गया है। बाकी शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

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सुरेंद्र नगर निवासी लोकेश राजपूत गांधी आई अस्पताल के सामने कपड़े की दुकान पर काम करते हैं। उनके तीन बच्चों में दो बेटियों के बाद पांच माह का बेटा देवांश था। 3 नवंबर को उसे दस्त हुए थे। इस पर उनकी पत्नी किरन बच्चे को रामघाट रोड एसएमवी मार्केट स्थित बाल रोग विशेषज्ञ डा.वाईके द्विवेदी के क्लीनिक से दवा लेने गईं। डाक्टर की गैरमौजूदगी में कंपाउंर ने सुबह व फिर शाम को भी दवा दी। रात में बच्चा ठीक हो गया। मगर 4 नवंबर सुबह उसे बुखार आ गया। इस पर किरन बच्चे  को लेकर फिर वहां पहुंचीं। 
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आरोप है कि उसे इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। मगर उसके बाद उसकी तबियत बिगड़ी रही। शाम करीब सात बजे महिला फिर बच्चे को लेकर पहुंची तो उसकी हालत देख सिर पर पानी की पट्टी रखने को कहा। साथ में दूसरे डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह दे दी। इस पर महिला पास के ही दूसरे नर्सिंग होम में लेकर जा रही थी। मगर बच्चे ने दम तोड़ दिया। बस वहीं बखेड़ा खड़ा हो गया। महिला व परिवार ने हेवीडोज इंजेक्शन से मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। क्लीनिक में घुसकर जमकर हंगामा व नोकझोंक की। फिर क्लीनिक के बाहर रामघाट रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान पहुंची पुलिस को शुरुआत में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिला पुलिस की मदद से खासी मशक्कत करनी पड़ी। महिलाओं को धकिया कर क्लीनिक के बाहर करना पड़ा। 

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करीब एक घंटे तक क्लीनिक के बाहर जाम व हंगामा चला। इस सूचना पर एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, सीओ के अलावा सिविल लाइंस व क्वार्सी थानों का फोर्स पहुंच गया। किसी तरह नौ बजे शुरू हुआ हंगामा साढ़े दस बजे जाकर समझाकर शांत किया जा सका। फिलहाल शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है और क्लीनिक को सील कर दिया गया है। बच्चे के पिता की ओर से तहरीर दी गई है, जिसमें डॉक्टर की गैरमौजूदगी में डॉक्टर के इशारे या कहने पर गलत उपचार देने व बच्चे की हत्या करने का आरोप स्टाफ पर लगाया है। यह भी कहा है कि जिस व्यक्ति ने इंजेक्शन दिया, वह डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर उपचार दे रहा था और खुद को डॉक्टर बता रहा था। बच्चे की मौत के बाद उसने खुद को कंपाउंडर बताया। वहीं पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार मामले में तहरीर, पोस्टमार्टम व जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। फिलहाल परिवार को समझाकर शांत किया गया है।


 
मैं तीन दिन से शहर से बाहर जयपुर में हूं। वहां मेरा स्टाफ क्लीनिक पर आने वाले सामान्य मरीजों को उपचार देते हैं और गंभीर मरीजों को मना कर देते हैं। इस केस में भी मना किया गया था। मगर बच्चे के परिजन जिद करने लगे। उसे दवा दी गई है, इंजेक्शन नहीं लगाया गया। बाकी आने के बाद ही सच बता पाऊंगा क्या हुआ।-डा.वाईके द्विवेदी

अहोई अष्टमी से एक दिन पहले इकलौते बेटे की मौत
इस मामले में सबसे बुरा हाल उस मां का था, जो रविवार को अहोई अष्टमी पर अपने बेटे की उम्र के लिए उपवास रखने की तैयारी कर रही थी। उससे ठीक एक दिन पहले शनिवार शाम बच्चे की मौत हो गई। दो बेटियों के बाद हुए बच्चे की मौत पर मां को परिवार संभाल नहीं पा रहा था। अहोई अष्टमी से ठीक एक दिन पहले इकलौते बेटे की मौत पर परिवार में कोहराम था।

पत्थर टूटा, नाले में दरोगा
क्लीनिक के बहर के नाले पर भीड़ के वजन के चलते नाले पर रखा पत्थर टूट गया और एक दरोगा नाले में गिर गए। जिन्हें जैसे तैसे पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों ने बाहर निकाला। इस दौरान दरोगा के चोट भी आ गई और वर्दी भी खराब हो गई।
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