स्थानीय पार्षद अब्दुल मुतालिब कुरैशी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। उन्होंने बताया कि नगर निगम की टीम को बकाया राशि के एक अंश के रूप में 10000 रुपये नकद जमा कराए गए। इसके बाद करीब सुबह 10 बजे मकान की सील खोली गई। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और कामरान के स्कूल का गेट बंद हो चुका था, जिससे वह स्कूल नहीं जा सका।
लोगों में आक्रोश
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नगर निगम के प्रति काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि वसूली के नाम पर इस तरह की संवेदनहीनता ठीक नहीं है, जहां बच्चों को भी घर में बंद कर दिया जाए।