कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सहायक आयुक्त प्रियांशु सिंह ने कहा कि कोरोना काल में जिन कर्मचारियों की नौकरी छूटी है, उन्हें पुन: रोजगार दिलाने में मदद करने के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है।
सोमवार को वह भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना विषय पर आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इकाई में कर्मचारी बढ़ने पर खर्च सरकार की तरफ से वहन किया जाएगा। इस योजना का मकसद नए रोजगार को प्रोत्साहन देना व कोरोना काल में जिन कर्मचारियों की नौकरी छूट गई है, उन्हें रोजगार दिलाना है।
इसमें सरकार कर्मचारी व नियोक्ता, दोनों का अंशदान वहन करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ उन कर्मचारियों को दिया जाएगा, जो एक अक्तूबर 2020 से 30 जून 2021 तक नियोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही वह सभी कर्मचारी जिनकी नौकरी 1 मार्च 2020 से 3 सितंबर 2020 तक छूट गई थी, उन कर्मचारियों को यह लाभ मिलेगा। यह लाभ नियोजन से अगले 24 महीने तक मिलेगा। सहायक आयुक्त ने कहा कि एक हजार कर्मचारियों तक की संख्या वाले नियोजित प्रतिष्ठानों के नए कर्मचारियों का नियोक्ता सहित भविष्य निधि अंशदान सरकार वहन करेगी, जबकि एक हजार से अधिक कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों के नए कर्मचारियों का अंशदान 12 फीसदी सरकार वहन करेगी।
कार्यशाला में प्रवर्तन अधिकारी दिलीप कुमार, नितिन जैन, भूपेश तिवारी, आलोक स्वरूप, हबीब अहमद, देवदत्त शर्मा, मोहम्मद अशफाक, सुभाष गौतम, विनय वर्मा, अमन अग्रवाल, नीरज तेजी, दीक्षित शाह, तरुण सक्सेना, संजय सिंह, देवेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।