फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यपाल के सामने फूट-फूट कर रोईं गौरव की मां

Sun, 29 Nov 2015 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरव की माता राज्यपाल के सामने फूट-फूट कर रो पड़ीं। उनके साथ मौजूद विजुअली चैलेंज्ड बहादुर सिंह भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और रोने लगे। राज्यपाल स्वयं उठकर गौरव की मां एवं बहादुर सिंह को सांत्वना दी।
विज्ञापन

 
भैया दूज के दिन सांप्रदायिक बवाल में मारे गए गौरव की माता विमला देवी, भाई नितिन, ततेरा भाई राजेश खन्ना, विजुअली चैलेंज्ड बहादुर सिंह, भगत सिंह के साथ-साथ धर्म जागरण समिति के जिला संयोजक सत्यप्रकाश नवमान, सह संयोजक सौरभ चौधरी एवं छात्र नेत्री नीलम कुमारी शनिवार को लखनऊ में राज्यपाल राम नाइक से मिले। ये लोग राज्यपाल के पास न्याय की गुहार लगाने गए थे।

 परिजनों ने राज्यपाल राम नाइक से 12 नवंबर को देहली गेट क्षेत्र के मोहल्ला खटीकान में हुए सांप्रदायिक झगड़े की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। समिति नेताओं ने राज्यपाल को 12 नवंबर से लेकर अब तक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की कटिंग पेश की और कहा कि नगर विकास मंत्री झगड़ेे के आरोपी हाजी जहीर के साथ मंच पर बैठते है और पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है।
विज्ञापन


परिजनों ने कहा कि सत्ता के दबाव में निर्दोष लोगों को बलवा का आरोपी बनाया गया है। विजुअली चैलेंज्ड बहादुर सिंह ने दुखड़ा रोया कि उन्हें भी पुलिस वालों ने आरोपी बना दिया है। भगत सिंह ने भी स्वयं को निर्दोष बताया। सौरभ चौधरी ने कहा कि राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि मुआवजा एवं अन्य मसलों को लेकर कल ही मुख्यमंत्री से बात करेंगे।

 उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि आप लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अलीगढ़ के अधिकारियों से भी इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। उल्लेखनीय है कि छेड़खानी को लेकर भैया दूज के दिन थाना देहलीगेट के खटीकान मोहल्ले में सांप्रदायिक झगड़े हुए थे और सांप्रदायिक तत्वों ने दलित युवक गौरव को गोली मार दी थी। उपचार के दौरान अगले दिन उसकी मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई।

उसके बाद से ही भाजपा एवं हिंदूवादी नेता गौरव के परिजनों को दादरी की तरह 45 लाख रुपये एवं आवास मुआवजा के रूप में देने की मांग कर रहे है। इसको लेकर परिजन कई दिनों तक धरना पर बैठे रहे। प्रशासन एवं सपा नेताओं ने गौरव के परिजनों को मुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें