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फर्जी पोलिंग के शोर के बीच 74 फीसदी मतदान

Sun, 29 Nov 2015 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
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पंचायत चुनाव में प्रधान-सदस्य पद के लिए पहले चरण का मतदान शनिवार को जिले के तीन ब्लॉकों में बेहद शांतिपूर्वक ढंग से निपट गया। इस दौरान कुल 74.33 फीसदी मतदान हुआ और दिन भर पुलिस प्रशासनिक टीमें फर्जी मतदान के आरोपों की सूचनाओं पर दौड़ भाग करती रही।
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 इसी क्रम में गंगीरी ब्लॉक के गांव मनहैना में फर्जी मतदान के आरोप में पीठासीन अधिकारी, सहायक और होमगार्ड को पब्लिक ने बूथ के अंदर घुसकर पीट दिया। बाद में स्टाफ बदले जाने और जांच-कार्रवाई के आश्वासन पर हंगामा शांत हुआ।

इसी तरह अकराबाद ब्लॉक के गांव टुआमई में बूथ से कुछ दूरी पर सपा मुखिया के रिश्तेदार प्रत्याशी के बिस्तर के नाम पर टेंट में दावत हटवाने पर हंगामा खड़ा हो गया। सीओ पर अभद्रता व सपा मुखिया के प्रति अमर्यादित टिप्पणी तक का आरोप लगा। बाद में जैसे-तैसे अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर हंगामा शांत कराया। इस दौरान डीएम-एसएसपी भ्रमण कर जायजा लेते रहे।
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धनीपुर, अकराबाद व  गंगीरी ब्लॉक में मतदान सुबह से ही बेहद शांतिपूर्वक ढंग से शुरू हुआ। जिला पंचायत चुनाव की अपेक्षा इस चुनाव के प्रति वोटरों में मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखा। सुबह से ही प्रत्याशियों के बिस्तरों पर भीड़ से लेकर मतदान केंद्रों पर कतार तक देखी गईं।

मगर यहां सुबह से ही फर्जी मतदान कराने या करने की शिकायतें शुरू हो गई और मामूली हंगामे भी होते रहे। इन सूचनाओं पर पहुंची पुलिस मसला शांत कराती रही। शुरुआती दौर में गंगीरी के गांव नौगवां, मुड़िया खेड़ा, कुमरहुआ, दादों के गांव कसेर, राजमऊ, सिंधौली में फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर हंगामे हुए। दो पक्षों के प्रत्याशी व समर्थकों में तू-तू मैं-मैं व कहासुनी तक हुई। इस सूचनाओं पर दौड़ी पुलिस ने कसेर व मुड़िया खेड़ा से कुछ लोगों को हिरासत में लेकर थाने बैठा दिया।

इधर, गंगीरी ब्लॉक के गांव मनहैना पोलिंग बूथ पर कुल 22 प्रत्याशियों के लिए मतदान चल रहा था। आरोप है कि इसी बीच एक प्रत्याशी की एजेंट कु. कृष्णा ने पीठासीन अधिकारी दिलीप कुमार के हाथ में दूसरे प्रत्याशी के मुहर लगे छह-सात मतपत्र देख लिए।

 जिन्हें वह चुपके से मतपेटी में डाल रहा था। इस पर कृष्णा ने उन्हें छीन लिया और बाहर आने लगी। इस पर होमगार्ड ने रोका। मगर तब तक बाहर शोर मच गया और भीड़ अंदर घुस आई। भीड़ ने पीठासीन, सहायक व होमगार्ड को पीट दिया और मतपत्रों को लेकर बाहर आ गई। यहां मतदान रुक गया। खबर पर एसडीएम, तहसीलदार, एसपी यातायात आदि पहुंच गए। पब्लिक को समझाने का प्रयास हुआ।

 मगर हंगामा बढ़ रहा था। इस पर पब्लिक को धमका कर शांत किया गया। बाद में लिखित शिकायत ली गई और पीठासीन सहित पूरा स्टाफ बदल दिया गया। अब पब्लिक ने मौके पर ही जांच व कार्रवाई और पुन: मतदान की मांग करते हुए फिर हंगामा शुरू कर दिया।

इस पर समझाया गया कि यह काम निर्वाचन मुख्यालय स्तर से होगा। तब जाकर मामला शांत हुआ और मतदान शुरू हुआ। इस मामले में पीठासीन की शिकायत के अलावा पुन: मतदान का आवेदन भी किया गया है। संबंधित खबरें पेज 8 पर
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