एक माह के भीतर ही आटा, चावल एवं दाल की कीमतों में आई तेजी से घरों में रसोई का बजट बिगड़ गया है। एक ओर सब्जियों की कीमतों में कमी आई है तो खाद्य तेलों की कीमत बढ़ रहीं हैं। दो सप्ताह के अंदर आटे की कीमत में प्रति क्विंटल 250 से 300 रुपये तक की बढ़ोत्तरी हुई है।
सोया ऑयल, सरसों तेल, वनस्पति घी आदि खाद्य तेलों में प्रति लीटर 15 से 20 रुपये तक की तेजी देखी जा रही है। खाद्य वस्तुओं के फुटकर और थोक कारोबार में लगातार महंगाई का तड़का लग रहा है। खाद्य सामग्रियों के मूल्य में वृद्धि से कम आय, नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। आवश्यक घरेलू वस्तुओं में तेजी से लोगों के घर का बजट बिगड़ गया है। महंगाई की मार सिर्फ आटा, चावल, दाल पर नहीं है बल्कि धनिया, जीरा और हल्दी ने भी अपने रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
मूल्य में बदलाव
खाद्य पदार्थ दो सप्ताह पहले और अब का मूल्य
आटा 33 रुपये प्रति किग्रा, 36 से 38 रुपये
अरहर, मसूर दाल- 100 रुपये प्रति किग्रा, 120 से 130 रुपये
चावल बासमती -100 रुपये, 110 रुपये प्रति किलोग्राम
जीरा 250 से 280 प्रति किग्रा, 300 से 320 रुपये प्रति किग्रा
लाल मिर्च - 250 रुपये प्रति किलो, 280 रुपये प्रति किलो
धनिया - 100 रुपये प्रति किलो, 160 रुपये प्रति किलो
हल्दी - 80 रुपये प्रति किलो, 110 रुपये प्रति किलो
काली मिर्च - 600 रुपये प्रति किलो, 650 रुपये प्रति किलो
लौंग - 800 रुपये प्रति किलो, 1000 रुपये प्रति किलो
बड़ी इलायची - 600 रुपये प्रति किलो, 1000 रुपये प्रति किलो
सौंफ - 80 रुपये प्रति किलो,150 रुपये प्रति किलो
नमक - 20 रुपये प्रति किलो, 25 रुपये प्रति किलो
सरसों तेल 145, 165 प्रति लीटर
रिफाइंड 145, 160 प्रति लीटर
सब्जी के मूल्य
आलू- 12 रुपये प्रति किलो
टमाटर - 20 रुपये प्रति किलो
प्याज- 25 रुपये प्रति किलो बैगन - 15 रुपये प्रति किलो
मटर - 30 रुपये प्रति किलो
गोभी- 20 रुपये प्रति किलो
गाजर - 30 रुपये प्रति किलो
कटहल - 50 रुपये प्रति किलो
शिमला मिर्च - 40 रुपये प्रति किलो
हरा धनिया - 40 रुपये प्रति किलो
पालक- 20 रुपये प्रति किलो
मिर्च - 40 रुपये प्रति किलो
बोली ग्रहणीं
बाजार में हर सामान महंगा हो रहा है। आटा, दाल, मसाले तक भी महंगे हो गए हैं। इससे घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है।
- प्रियंका, मानिक चौक
आटा, राशन और मसालों की जरूरत होती है, लेकिन महंगाई के चलते रसोई का बजट गड़बड़ाया हुआ है। किसी तरह खर्च चल रहा है।
- तुलसी कश्यप, पक्की सराय
खाद्य तेल के साथ दाल व रसोई गैस काफी महंगी है। हर चीज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है।
- आभा वार्ष्णेय, मानिक चौक
महंगाई से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। तेल, दाल और रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण बहुत जरूरी है।
- पूजा, जयगंज