डिफेंस कॉरिडोर के पहले फेस के अंडला नोड में भूमि अब खाली नहीं है। नए निवेशक डिफेंस कॉरिडोर में भूमि लेने के लिए कतार में हैं। इसी दिशा में डिफेंस कॉरिडोर की विस्तार योजना के लिए पनैठी से आगे भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे की तर्ज पर अलीगढ़-आगरा के बीच बनने वाले हाईवे के किनारे भी औद्योगिक क्लस्टर विकसित होगा। औद्योगिक विकास से जुड़ी शासन की एजेंसियां अध्ययन कर रही हैं ताकि यहां पर आसानी से निवेशकों को भूमि मुहैया कराई जा सके।
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डिफेंस कॉरिडोर के पहले फेस के अंडला नोड में भूमि अब खाली नहीं है। नए निवेशक डिफेंस कॉरिडोर में भूमि लेने के लिए कतार में हैं। इसी दिशा में डिफेंस कॉरिडोर की विस्तार योजना के लिए पनैठी से आगे भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। इसके बाद अब अलीगढ़-आगरा के बीच बन रहे 65 किमी लंबे हाईवे के किनारे अभी से भूमि उद्योग के लिए चिह्नित करने पर अध्ययन चल रहा है। हाईवे के छह लेन के लिए भूमि अधिग्रहण की जा रही है और फिलहाल चार लेन बनाया जा रहा है। ताकि जरूरत के अनुसार उसे आगे विस्तार किया जा सके।
संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से अलीगढ़ को लेकर लगातार औद्योगिक घोषणाएं की जा रही हैं। अभी तक की योजना के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे, ख्यामई, डिफेंस कॉरिडोर, जीटी रोड के किनारे विस्तार आदि पर काम हो रहा है। आने वाले समय में आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर भी इसी तरह की योजनाएं विकसित होंगी। इन संभावनाओं पर काम हो रहा है। शासन से जो भी निर्देश मिलेंगे, उन पर अमल किया जाएगा।