एएमयू के वीमेंस कॉलेज में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सहयोग से ‘एक श्रेष्ठ विश्व के लिए लैंगिक समानता मुद्दे एवं चुनौतियां’ विषय पर ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें विशेषज्ञों ने लैंगिक समानता अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि लैंगिक समानता को मानव अधिकार के रूप में पहचान दिलाने की आवश्यकता है।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए की प्रो. यास्मीन सैकिया ने एएमयू में वीमेंस कॉलेज के संस्थापक शेख अब्दुल्ला की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने युवतियों की शिक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। वीमेंस कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल प्रो. आमिना किशोर ने कहा कोविड-19 के इस दौर में एक दूसरे के बीच अधिक सहानुभूति की आवश्यकता है। ऐसे में हम एक दूसरे की अधिक देखभाल करें।
मुख्य अतिथि, डॉ. फराह उस्मानी, उप निदेशक, यूएनएफपीए-संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष, न्यूयॉर्क ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराध में तेजी देखी गई है। लगभग 50 देशों में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध का जोखिम और अधिक बढ़ गया है। वीमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल एवं सम्मेलन की डायरेक्टर प्रो. नइमा खातून, कोआर्डिनेटर प्रो. नाजिया हसन, प्रो. शिरीन मूसवी, प्रो अमीना काजी, रक्षंदा जलील, प्रो. इंदु अग्निहोत्री, डॉ. नाजिश बेगम ने भी शिरकत की।