विधानसभा चुनाव के दौरान धन का दुरुपयोग रोकने के लिए स्टेटिक व सर्विलांस टीमों ने चेकिंग में 76.60 लाख की रकम पकड़ी थी। 10 लाख से अधिक की धनराशि मिलने के दो प्रकरणों को आयकर विभाग को सौंपा गया है। बाकी रकम को सीडीओ की अध्यक्षता वाली कमेटी ने साक्ष्यों के आधार पर निस्तारित करते हुए उसे संबंधित को सौंप दिया।
जिले में आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव में धन का दुरुपयोग रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर 76.60 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई थी। इगलास में 15.52 लाख रुपये, बरौली में 8.50 लाख, छर्रा में 15 लाख व 11.30 लाख रुपये की रकम पकड़ी थी। वरिष्ठ कोषाधिकारी महिमा चंद्र ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर 50 हजार रुपये से अधिक नकदी होने पर दस्तावेज दिखाना अनिवार्य है। अगर दस्तावेज उपयुक्त पाए जाते हैं तो नकदी को जब्त नहीं किया जाता है। वही नकदी जब्त की जाती है जिसका ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया जाता है। 10 लाख से अधिक की रकम मिलने पर मामले को आयकर विभाग को सौंपा जाता है।
उन्होंने बताया कि इगलास में 15.52 लाख व छर्रा में 15 लाख रुपये की बरामदगी के मामलों को आयकर विभाग को संदर्भित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 10 लाख से कम रकम को रिलीज करने से पहले तीन सदस्यीय कमेटी उस पर अपना निर्णय लेती है। कमेटी के अध्यक्ष सीडीओ, सचिव एडीएम वित्त एवं राजस्व व वरिष्ठ कोषाधिकारी सदस्य होते हैं। उन्होंने बताया कि बरौली व इगलास में मिली रकम का अभी तक कोई दावेदार सामने नहीं आया है। बाकी प्रकरणों का निस्तारण कर दिया गया है।