सरकारी एंबुलेंस सेवा का शर्मनाक कारनामा शुक्रवार को जट्टारी में लोगों ने देखा। चिकनगुनिया से पीड़ित महिला सड़क किनारे तड़पती रही, लेकिन लोगों के फोन करने के बावजूद देर तक सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंची। 22 वर्षीय महिला ने तड़पते हुए वहीं दम तोड़ दिया तब पहुंची एंबुलेंस चालक ने शव उसके घर एटा पहुंचाने से इनकार कर दिया।
मां के शव के पास विलखते दो छोटे बच्चों और परिजनों के आंसुओं से स्थानीय दुकानदारों का दिल पसीजा। आपस में चंदा जुटाने का काम शुरू हुआ। तभी जट्टारी चौकी इंचार्ज उमेश कुमार यादव को जानकारी हुई तो उन्होंने एंबुलेंस बुलाई, जिससे शव महिला के घर भेजा जा सका।
प्रीति नाम की यह महिला एटा जिले के मिरैची थाना क्षेत्र के गांव रफीपुर चांडी निवासी अमित की पत्नी है। अमित फरीदाबाद में सरिया फैक्ट्री में मजदूरी करता है। पिछले कुछ समय से उसकी पत्नी चिकनगुनिया से बीमार थी। उसके पास पत्नी के इलाज को धन नहीं था।
अमित के पिता मातादीन एवं भाई धर्मेंद्र फरीदाबाद से प्रीती को इलाज के लिए एटा अपने घर ले जा रहे थे। रास्ते में बस में तबीयत बिगड़ी तो यात्रियों की सलाह पर परिजनों ने अस्पताल ले जाने के लिए जट्टारी में एक जगह उतर गए। पास पैसे थे नहीं।
लोगों को बताया तो मोबाइल से लोगों ने सरकारी एंबुलेंस सेवा को फोन किया। पर एंबुलेंस उसकी मौत के बाद ही पहुंची। इस दौरान कई घंटो तक जरतौली मोड़ पर सड़क किनारे लोगों की भीड़ लगी रही।