न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
कोरोना महामारी के बीच सोमवार से स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। फिलहाल, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की ही कक्षाएं चलेंगी। जबकि छोटे बच्चों की कक्षाओं पर अभी तक निर्णय नहीं लिया गया है। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शासन-प्रशासन के कोविड-19 को लेकर सख्त निर्देशों के तहत स्कूल प्रबंधन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं, शिक्षा विभाग के मुताबिक, विद्यालयों को सैनिटाइज कराया गया है। साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क व सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी का भी ध्यान रखा जाएगा।
सोमवार से राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय, सीबीएसई, आईसीएसई सहित सभी बोर्ड के विद्यालयों में कक्षा नौ से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू होगी। हालांकि, विद्यालय दो पालियों में संचालित किए जाएंगे। कक्षा नौ व कक्षा 10 की पढ़ाई सुबह 8:50 बजे से लेकर सुबह 11:50 तक होगी, जबकि कक्षा 11 से कक्षा 12 तक पढ़ाई दोपहर 12:20 से 3:20 तक होगी। विद्यालय के संचालकों को कोविड-19 के तहत जारी किए गए निर्देशों का पालन करना होगा। साथ ही उन्हें मानक संचालन प्रक्रिया भी अपनानी होगी, जो शासन स्तर से दिए गए हैं।
बच्चों का स्वागत है। बच्चों के आत्मविश्वास पर जोर देंगे। पहले दिन से पढ़ाई नहीं कराएंगे, बल्कि बच्चों की काउंसिलिंग करेंगे। विद्यालय को सैनिटाइज करा दिया गया है। - श्याम कुंतैल, प्रधानाचार्य, ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल
स्कूल परिसर से लेकर शिक्षण कक्ष तक को सैनिटाइज करा दिया गया है। शासन से जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं, उसका अक्षरश: पालन किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
- नंदिनी सिंह अग्रवाल, प्रधानाचार्या, कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल
अभिभावकों से सहमति पत्र लें प्रधानाचार्य : डीआईओएस
अलीगढ़। कोविड-19 के चलते करीब सात महीने के बाद विद्यालयों में पढ़ाई शुरू होगी। अलबत्ता, प्रधानाचार्यों को अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहमति पत्र लेना जरूरी है। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के दिशा-निर्देश का पालन करने में शिथिलता बरती गई तो प्रधानाचार्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर चुके हैं कि वह अपने विद्यालयों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। परिसर में उगी घास और झाड़ियों को साफ करवाएं। विशेष रूप से शौचालय को जरूर साफ करवाएं। साथ ही जिन विद्यालयों में वाहन का प्रयोग शिक्षक व विद्यार्थियों को लाने और ले जाने के लिए हो रहा है, उन वाहनों के सैनिटाइजेशन और फिटनेस पर अवश्य ध्यान दें। विद्यालय परिसर व शिक्षण कक्ष का सैनिटाइजेशन अपनी निगरानी में करवाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में प्रवेश के स्थान पर, शौचालय और पेयजल आदि स्थानों पर भौतिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए गोले और अन्य निशान लगवाएं। साथ ही अभिभावकों की अनुमति प्राप्त करें। परिसर में जगह-जगह कोविड-19 से बचाव के लिए शासन द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया के पोस्टर लगाएं।