नियमितीकरण समेत 12 सूत्रीय मांगों के पूरे होने का इंतजार करते करते दो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सांसे थम गई। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने इसे सदमे से हुई मौत करार दिया है।
इधर आमरण अनशन पर बैठी संगठन की जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष मृदुला सिंह की हालत बिगड़ने पर उन्हें दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनशनरत पांच अन्य वर्कर्स का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।
20 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रही आंगनबाड़ी वर्कर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष कर रही सारसौल में तैनात लोधा ब्लाक की शकुंतला सारस्वत एवं नगला देवी निवासी वर्कर रानी की बुधवार को मृत्यु हो गई। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष व रालोद नेता ठा.राकेश सिंह ने इन दोनों मौतों की वजह सदमा बताया है।
उन्होंने बताया कि दोनों वर्कर्स तीन दिन पहले तक धरने में शामिल थी। बाद में तबीयत खराब होने के कारण नहीं आई। उन्होंने दोनों वर्कर्स के परिजनों को दस दस लाख रुपया बतौर मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने ऐलान किया कि गुरुवार को सुबह 11.30 बजे कफन बांधकर रैली निकाली जाएगी। आमरण अनशन पर बैठी छह वर्कर्स में से वरिष्ठ उपाध्यक्ष मृदुला सिंह की तबीयत बुधवार सायं बिगड़ गई। इससे हड़कंप मच गया।
आनन फानन में दीनदयाल अस्पताल के चिकित्सक मय एंबुलेंस मौके पर पहुंच गए। एसडीएम कोल पंकज वर्मा समेत अन्य आला अफसर एवं पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने मृदुला सिंह को अस्पताल ले जाने की कोशिश की तो कार्यकत्री अड़ गई। बाद में उन्हें समझाकर बीमार वर्कर को दीन दयाल अस्पताल पहुंचाया गया।
अनशन पर बैठी पांच अन्य महिलाओं का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस मौके पर पुष्पा शर्मा, सुधा सिंह, पदमा सिंह, अखिलेश राघव, सूरजमुखी, मीना सिंह, शाहबानो, कश्मीरी देवी, धर्मवती देवी, भोजकुमारी आदि थीं।