अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के बाबे सैयद पर छात्रों ने जुमे की नमाज पढ़ी। साथी छात्राें के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के विरोध में 21 मार्च की रात बाबे सैयद बंद कर दिया गया था।
21 मार्च को दोपहर दो बजे डॉ. जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के पार्क में होली खेल रहे छात्रों का अन्य संप्रदाय के छात्रों ने विरोध किया और उन पर हमला कर दिया था। पीड़ित छात्रों का आरोप है कि उनको दौड़ा-दौड़कर पीटा गया। इस मामले में मिस्वा कैसर, जकीउर्रहमान, जैद शेरवानी, शाहरुख साबरी, शोएब कुरैशी, अहमद मुस्तफा शेरवानी, अफ्फान शेरवानी, शहबाज खान, फैसल त्यागी, अरमान सिद्दीकी के खिलाफ पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके विरोध में बाबे सैयद बंद कर दिया था। इसी बाबे सैयद पर छात्रों ने जुमे की नमाज पढ़ी। विभिन्न हॉल और कक्षाओं से छात्र एकत्र होकर बाबे सैयद पहुंचे और जुमे की नमाज पढ़ी।
इससे पहले छात्रों ने प्रॉक्टर और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। नमाज के दौरान बाबे सैयद पर पीएसी के जवान तैनात रहे। सर्किल पर भी पीएसी के जवानों की तैनाती रही। नमाज के बाद भी छात्रों ने नारेबाजी की। इस मौके एएसपी अमृत जैन, एसीएम द्वितीय संजय मिश्रा दलबल के साथ मौजूद रहे। इंसाफ मिलने के आश्वासन के बाद दोपहर 3:30 बजे बाबे सैयद खोल दिया गया।
नमाज के बाद मारपीट
जुमे की नमाज के बाद मोबाइल से वीडियो बनाने के चलते एक छात्र के साथ कुछ छात्रों ने मारपीट कर दी। बाबे सैयद पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के हस्तक्षेप से विवाद को खत्म हो गया। छात्र नेता आरिफ त्यागी ने कहा कि बाबे सैयद पर जुमे की नमाज पढ़ी गई। एएमयू के छात्रों और मुल्क के अमन-चैन के लिए दुआ की गई। उन्होंने कहा कि एएमयू परिसर में राजनीतिक होली मनाने की कोशिश की गई थी, जो गलत है। उन्होंने एसएसपी से मांग की है कि जिन छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाए, जिससे निष्पक्ष जांच हो सके। होली के लिए अनुमति और नमाज के लिए अनुमति नहीं के सवाल पर आरिफ ने कहा कि यहां नमाज एक विरोध की शक्ल में पढ़ी जाती है।
एसएसपी से मिला छात्रों का प्रतिनिधिमंडल
एएमयू के छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली, डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. सैयद अली नवाज जैदी के साथ एसएसपी कार्यालय पर संजीव सुमन से मिला और छात्रों ने उनके समक्ष अपना पक्ष रखा। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया और कहा कि घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जाएगी, जो दोषी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जो निर्दोष है, उसे परेशान नहीं किया जाएगा।