खैर के गांव गौदौली नहर पटरी के निकट दो कार सवार एक जिंदा नवजात शिशु को फेंक कर भाग गए। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़े तथा पुलिस को सूचना दी। बिना देर किए पीबारबी 0765 कुछ मिनट में ही मौके पर पहुंच गई।
पुलिस बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए। खबर लगते ही तत्काल एसडीएम अंजुम बी दौड़ कर सीएचसी पहुंच गईं। उन्हें देख सीएचसी के डॉक्टर अलर्ट हो गए। डॉक्टरों ने काफी देर शिशु चाइल्ड केयर यूनिट में रखकर उसे रिवाइव किया गया। बेबी बॉय देखने में पूरी तरह हष्टपुष्ट और स्वस्थ है।
बता दें कि लगभग डेढ़ बजे एक कार नहर पर गांव गौंदौली की पटरी पर आकर रुक गई। उसमें से दो युवक निकले, उनके हाथ में कपड़े में लिपटा एक शिशु था। वे उसे वहीं पटरी के निकट मिट्टी के एक गड्डे में रख कर भाग गए। खेत में कार्य कर रही एक महिला की नजर उन पर पड़ गई।
बच्चे के रोने की आवाज सुनकर और भी ग्रामीण वहां पहुंच गए। वहां नवजात शिशु को देख वह दंग रह गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जिस पर कुछ मिनट में ही पीआरबी मौके पर पहुंच गई। वह उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गई। इतने में ही एसडीएम अंजुम बी भी पहुंच गई।
बालक की नाल भी नहीं कटी थी और शरीर पर मिट्टी लगी थी। चिकित्साधीक्षक डॉ. राहुल शर्मा व स्टाफ नर्सेस ने बालक के शरीर पर लगी मिट्टी साफ की, नाल काटी और फिर को काफी देर उसे रिवाइव किया।
डॉ. राहुल ने बताया कि बच्चा स्वस्थ्य है। लेकिन उसकी सभी प्रकार की जांच की जाएगी। उसे जिला अस्पताल भेजा गया हैं जहां उसे एक दो दिन न्यू बर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट में रखा जायेगा।
एसडीएम खैर अंजुम बी का कहना है कि बच्चा अब स्वस्थ है। ऐसे बच्चे को जंगल में छोड़ जाना बेहद घृणित कार्य है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है लेकिन मारने वाले से बचाने वाला बड़ा है। बच्चे को जांच के बाद चाइल्ड केयर सेेंटर में रखा जाएगा। इस संबंध में हेल्पलाइन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को सूचित कर दिया है।