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Aligarh News: पांच बीघा खेत के विवाद में बहू ने मायके से बुलाए 18 लोग, हुई मारपीट, ग्रामीणों ने बनाया बंधक

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जवां कोतवाली क्षेत्र के साथा गांव में पांच बीघा खेत का दान-पत्र (गिफ्ट डीड) करना बड़े विवाद का कारण बन गया। दादी ने एक पौत्र के नाम जब यह दान पत्र किया तो दूसरे पौत्रों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। मंगलवार को एक पौत्र की बहू ने अपने मायके से 18 लोगों को बुला लिया। मारपीट हुई तो ग्रामीणों ने बाहर से आए लोगों को बंधक बना लिया। पुलिस ने बमुश्किल झगड़ा शांत कराया। मारपीट में घायल लोगों का इलाज अलीगढ़ के निजी अस्पताल में हो रहा है।
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रोहताश और मुकेश पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी साथा भाई हैं, मुकेश का निधन हो चुका है। दोनों भाइयों में पहले ही संपत्ति का बंटवारा हो चुका है। मुकेश कुमार के निधन के बाद से ही उसकी मां प्रेमवती उसके घर पर ही रहती हैं। बताया जाता है कि प्रेमवती ने पांच बीघा खेत का दान पत्र मुकेश के लड़के नीशू के नाम पर किया है। इसी बात को लेकर रोहताश और मुकेश के बेटों में विवाद चल रहा है। मंगलवार को रोहताश और मुकेश पक्ष के बीच मारपीट हो गई।
रोहताश के तीन पुत्र हैं, जीतू, शिव व नंदे। शिव की शादी 18 अप्रैल 2024 को ग्राम भौरा थाना ककोड़ जिला बुलंदशहर निवासी वर्षा के साथ हुई थी। शिव गुरुग्राम में रहकर नौकरी करता है। वह होली पर सोमवार को गांव आया था। शिव की पत्नी वर्षा का कहना है कि उसके चचिया ससुर के लड़के गालीगलौज करते रहते हैं। इसको लेकर कई बार पहले भी झगड़ा हुआ है। सोमवार को भी कहासुनी हो गई थी। मंगलवार को भी कहासुनी हुई।
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बताया जाता है कि इससे परेशान होकर वर्षा ने अपने मायके के गांव में फोन करके लोगों को बुलाया। वहां से लगभग 18 लोग गाड़ियों से आए और आते ही मुकेश पक्ष से मारपीट शुरू कर दी। चीखपुकार सुन ग्रामीण आ गए। ग्रामीणों ने बाहर से आए लोगों को बंधक बना लिया। झगड़े की सूचना थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंच गई।
इस मारपीट में अवनीश, नीशू पुत्रगण स्व. मुकेश व मुकेश की पत्नी विजय गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवां भेजा। जहां से परिजन उन्हें रेफर करा कर अलीगढ़ ले गए। पुलिस सभी लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। देर शाम तक दोनों पक्षों से कोई तहरीर नहीं दी गई है। एसओ जवां हेमेंद्र मावी का कहना है कि अभी तहरीर नहीं मिली है, मिलने के बाद कार्रवाई होगी।
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क्या है दान पत्र
तहसील कोल के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष सिंह जादौन ने बताया कि दान पत्र (गिफ्ट डीड) रक्त संबंधों में ही की जा सकती है। इसमें केवल पांच हजार रुपये का स्टांप शुल्क लगता है, जमीन की कीमत चाहे करोड़ों रुपये में हो। इसको आम बोलचाल में दानपत्र का बैनामा कहा जाता है।
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