अनंत चतुर्दशी के मौके पर पांच दशक में ऐसा पहली बार हुआ है कि गणपति का विसर्जन धूमधाम से नहीं, सादगी से किया गया हो। कोरोना संक्रमण काल के चलते आयोजन कम हुए तो मंगलवार को शोभायात्रा भी नहीं निकली। ऐसे में शहर में अक्सर लगने वाला जाम नहीं लगा। श्रद्धालु टेंपो, गाड़ी, मोटरसाइकिल, छोटा हाथी जैसे वाहनों से गणपति विसर्जन के लिए निकले।
बता दें कि अनंत चतुर्दशी के मौके पर प्रतिवर्ष रामघाट रोड पर डीजे, ढोल नगाड़े के साथ शोभायात्रा निकालते हुए श्रद्धालु गणपति का विसर्जन करने जाते थे। गंगाघाट का एक मात्र रास्ता होने के चलते रामघाट रोड सबसे अधिक व्यस्त रहता था, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं ने अबीर उड़ाया, ढोल नगाड़े बजाए, वह भी सीमित संख्या में।
सादगी के साथ गणपति का विसर्जन करने के लिए सुविधा अनुसार वाहन चुने और सीमित संख्या में गंगा घाट पहुंचे। हरदुआगंज स्थित बरौठा नहर पर मेले जैसा माहौल रहा। यहां श्रद्धालु मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी वाले नियमों को भूल गए। यहां गणपति विसर्जन कर श्रद्धालुओं ने कोरोना के खात्मे की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि हालात सामान्य हो जाते हैं तो अगले बरस धूमधाम से गणेश महोत्सव का आयोजन करेंगे।