सीसीआईएम के गजट नोटिफिकेशन पर आयुर्वेद पीजी चिकित्सकों को 58 प्रकार की सर्जरी की अनुमति प्रदान करने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की देशव्यापी हड़ताल जिले में असरकारी रही। जिले के करीब 200 निजी अस्पतालों में ओपीडी ठप रही। मात्र इमरजेंसी में काम हुआ। शुक्रवार सुबह छह बजे से शुरू हुई इस हड़ताल के दौरान जिले के तीन कोविड अस्पताल वरुण, मिथराज एवं एलजेडी में सामान्य रूप से कामकाज हुआ। इस दौरान विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिये भटकते मरीजों को नीमा ने सहारा दिया और निशुल्क इलाज कर हड़ताल के असर को कम करने में सहयोग दिया। इधर, आईएमए एवं आईएमए वूमेन डाक्टर विंग, मिशन पिंक हेल्थ व पीडीए के सदस्यों ने तालानगरी स्थित आईएमए प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर विचार विमर्श किया। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि सरकार मिलावटी चिकित्सा को बढ़ावा देकर मरीजों की जान से खेल रही है।
डाक्टरों ने कहा कि आयुर्वेद पद्धति के वैद्य भी अब सर्जरी कर सकेंगे और गरीब जनता का नुकसान करेंगे। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पूर्वक चिकित्सक बनने के लिए एलोपैथिक सर्जन को 12 साल लगते हैं। सरकार वैद्य को मात्र 6 महीने से एक साल के अंदर ही सर्जरी में परिपक्व कर देगी । उन्हें कई तरह के ऑपरेशन करने की इजाजत दे देगी। इससे गरीब जनता को परेशानी होगी। सरकार से अनुरोध करते हैं कि कम से कम चिकित्सा क्षेत्र में इस मिलावटीपन को लाने की कोशिश न करें। चिकित्सा क्षेत्र को राजनीति से दूर रखें। डॉक्टरों की संख्या विश्व में ज्यादा दिखानी है तो ज्यादा से ज्यादा मेडिकल कालेज खोलें।
आईएमए अध्यक्ष डा. विपिन गुप्ता ने कहा कि मिलावटी डॉक्टरों से हर पैथी का नुकसान होगा। सचिव डॉ. भरत कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि आईएमए के केंद्रीय मुख्यालय के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को प्रात: 6 से 12 दिसंबर की प्रात: 6 बजे तक आईएमए के सभी चिकित्सक राष्ट्रव्यापी असहयोग आंदोलन कर रहे हैं। इस अवधि में आकस्मिक, अति आवश्यक एवं कोविड सेवाएं पूर्व की भांति सुचारु रूप से चलती रहेंगी।
इंडियन डेंटल एसोसिएशन से डॉ. रजत प्रताप सिंह ने उपस्थित होकर अपना समर्थन दिया। इस मौके पर कोषाध्यक्ष डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, वूमेन डॉक्टर विंग की डॉ मनी भार्गव, डॉ नेहा त्यागी सिंह, मिशन पिंक हेल्थ से डा जोली वार्ष्णेय, डॉ सुरभि अग्रवाल, आकांक्षा गुप्ता ने विचार रखे।
इस दौरान यूपी आईएमए के सचिव डॉ जयंत शर्मा, डायरेक्टर यूपीसीजीपी डॉ आलोक कुलश्रेष्ठ, पीडीए अध्यक्ष डॉ उमाशंकर वार्ष्णेय, डॉ रवि सूद, डॉ विनोद कुमार सिंह, डॉ नीति गोयल, डॉ नवनीत माहेश्वरी, डॉ राजीव वार्ष्णेय, डॉ अमित अग्रवाल, डॉ नागेश, डॉ पवन वार्ष्णेय, डॉ जीके सिंह, डॉ एसपी मोटवानी, डॉ अजय मित्तल, डॉ अजय कुमार सिंघल, डॉ एसपी सिंह, डॉ एके गुप्ता, डॉ जीपी वार्ष्णेय, डॉ प्रदीप बंसल, डॉ केके वार्ष्णेय, डॉ जया शर्मा, डॉ विशाल सारस्वत आदि उपस्थित थे।
नीमा ने संभाली चिकित्सा की कमान
अलीगढ़। आईएमए के बैनरतले हुई हड़ताल के दौरान नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन नीमा ने चिकित्सा की व्यवस्था संभाली। सचिव डा. विश्वामित्र ने बताया कि आईएमए की हड़ताल के दौरान नीमा चिकित्सकों ने पूरे दिन मरीजों को निशुल्क सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि सर्जरी का अधिकार सभी आयुर्वेदिक चिकित्सकों को नहीं दिया गया है। यह केवल आल इंडिया पीजी एंट्रेंस एग्जाम में चयनित होकर तीन साल तक सर्जरी की मास्टर डिग्री के उपरांत ही आयुर्वेद चिकित्सकों को दिया गया है। डा.देवेंद्र ने कहा कि देश में आठ लाख नीमा चिकित्सक हैं, जो आम जनता को सेवाएं दे रहे हैं।
मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय के ओपीडी में मरीजों की लगी लाइन।- फोटो : CITY OFFICE