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हजारों बालिकाओं का अंधेरा जीवन किया रोशन

Thu, 14 Apr 2016 02:10 AM IST
अलीगढ़/ब्यूरो
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राोश्‍ान
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 आध्यात्म से जीवन को बनाने और शिक्षा से जीवन को संवारने का काम अलीगढ़ में रहकर कर रही हैं साध्वी पुनीता चेतन। बचपन के संघर्ष और अभावों ने उनमें वह इच्छा शक्ति पैदा कर दी जिसके दम पर वह हजारों बालिकाओं के जीवन में शिक्षा और आत्मनिर्भरता का उजाला बिखेर रही हैं।
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नौरंगाबाद रावणटीला में अपने गुरू चेतनानंद सरस्वती के आश्रम में ही वह अब तक एक हजार से अधिक बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त करा चुकी हैं। एक हजार से अधिक गरीब कन्याओं का विवाह करा चुकी हैं। यही नहीं सन 2005 में उन्होंने महिलाओं के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुनाई आदि का प्रशिक्षण केंद्र खोला। इसमें अब तक वह 15 हजार से अधिक महिलाओ, बालिकाओं को प्रशिक्षण दे चुकी हैं। इनमें से एक हजार से अधिक महिलाएं और युवतियां अपना उद्यम कर रही हैं। लेकिन यहां तक का सफर साध्वी पुनीता चेतन के लिए इतना आसान न थ। मूल रूप से श्याम नगर में जन्म हुआ।
पांच वर्ष की उम्र में ही स्वामी चेतनानंद सरस्वती को गुरु बनाया और सांसारिक जीवन छोड़ दिया। हालांकि पुनीता चेतन के तीन भाई हैं जो बाहर नौकरी करते हैं। एक बहन है  जिसकी शादी हो चुकी है। लेकिन पुनीता चेतन ने अपना जीवन समाज के लिए ही अर्पित कर दिया है। स्वयं बीए और एमए किया। सासनी स्थित कन्या गुरुकुल से भी शिक्षा ली। यही शिक्षा की रोशनी आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं के जीवन में भी फैलाने का संकल्प लिया।
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वह अपने यहां रहने वाली बालिकाओं को अलग अलग स्कूलों में पढ़ाती हैं। उनकी फीस भी अदा करती हैं। गुरु के अनुयायी जो दान आदि देते हैं, उससे खर्चा चलता है। इसके अलावा वह स्वयं भी रामायण और भागवत का पाठ भी करती हैं। उससे जो भी दान आता है उसे बालिकाओं की शिक्षा पर ही खर्च करती हैं। साध्वी पुनीता कहती हैं कि उन्हें मौका मिला तो शहर के अन्य हिस्सों में भी वह ऐसे ही शिक्षा के केंद्र खोलेंगी। 
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