पारिवारिक विवाद हुए उत्पीड़न की शिकायत के बाद जांच की गलत रिपोर्ट शासन को भेजने से आहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की सहायक निदेशक डॉ. खुशनुमा नीलोफर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप यह भी है कि पुलिस ने जांच के दौरान उनके साथ खराब बर्ताव किया।
सिविल लाइन के मैरिस रोड स्थित मिसगिल कंपाउंड की रहने वालीं डॉ. खुशनुमा नीलोफर नई दिल्ली में इग्नू में सहायक निदेशक के पद पर तैनात हैं। मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत में डॉ. खुशनुमा ने कहा था कि उनका उनके पति से संबंध विच्छेद हो चुका है। उनके दो बेटियां है।
कुछ दिन पहले ससुराल पक्ष के लोग धोखे से एक साढ़े तीन वर्ष की बेटी को अपने साथ ले गए और वह उनके ही कब्जे में है। यही नहीं ससुराल पक्ष के लोगों ने उनके खिलाफ थाना सिविल लाइन में गलत शपथ पत्र देकर एक झूठा मुकदमा भी दर्ज करवा रखा है। इसके बाद शासन स्तर से जांच स्थानीय पुलिस को सौंपी गई।
जांच के बाद शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया कि शिकायत कर्ता अपनी शिकायत के पक्ष में कोई पुष्ट प्रमाण नहीं दिखा सकी हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। साथ ही इनकी दोनों बेटियां ससुराल पक्ष के पास हैं।
इससे असंतुष्ट डॉ. खुशनुमा ने अब फिर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि जांच के दौरान पुलिस ने उनके साथ काफी खराब व्यवहार किया। साथ ही जांच में कई तथ्य गलत जोड़े गए हैं। जैसे उनका कोई मामला न्यायालय में नहीं चल रहा है। साथ ही दोनों नहीं, एक बेटी ही ससुराल पक्ष के पास है।