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अलीगढ़ः ‘युवाओं का समर्थन चाहिए तो देना होगा रोजगार’

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चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा करते स्थानीय लोग व छात्र। - फोटो : CITY OFFICE
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युवाओं को रोजगार मिलने की बजाय कोरोना काल के लॉकडाउन में नौकरीपेशा लोग बेरोजगार हो गए। लाखों रुपयों की नौकरी से हाथ धोकर घर बैठना पड़ा। ऐसे में अगर युवाओं का समर्थन चाहिए तो उन्हें रोजगार मुहैया कराना होगा, जबकि शहर में गंदगी और जाम के साथ सीवरेज सिस्टम को सुधारने के लिए काम करना होगा। ट्रेनों के अंदर गरीबों के लिए जनरल टिकट जारी करना होगा। यह कहना था श्री वार्ष्णेय मंदिर के बराबर चाचा चाय वालों की दुकान पर स्थानीय लोग और युवाओं का। चर्चा करते हुए लोगों ने कहा कि अगर वोट लेना है तो इन समस्याओं पर नेताओं को ध्यान देना होगा और निस्तारण की योजना बनानी होगी।
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नौरंगाबाद निवासी एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र आलोक कुमार ने कहा कि विकास कार्य सभी कराते हैं, लेकिन लोगों के लिए नहीं, बल्कि अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए। गांधीनगर निवासी रिंकू ने बताया कि शहर में कोई कार्य नहीं हुआ है। स्मार्ट सिटी योजना में अलीगढ़ शामिल हुआ, लेकिन क्या लाभ मिला, इसका पता नहीं। गंदगी, कचरा और कूड़े की समस्या का निदान नहीं है। कुंदन नगर निवासी रवि यादव ने कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, बल्कि कोरोना काल में नौकरीपेशा लोग बेरोजगार हो गए। गरीब भटक रहे हैं। महेंद्र नगर निवासी रवि जैसवाल ने कहा कि पार्टी कोई भी हो, सभी को युवाओं के रोजगार के लिए काम करना होगा। तभी युवाओं का समर्थन मिलेगा। गांधीनगर के गोपाल वार्ष्णेय ने कहा कि गरीब की कोई सुनता नहीं है। राशन मुफ्त में मिला तो बिजली का बिल बढ़ गया। दिव्यांग पेंशन सिर्फ तीन महीने मिलती है। वह भी 500 रुपये महीने, इससे क्या होगा।
बिल एक हजार से तीन हजार रुपये तक पहुंच गया है। गांधीनगर के सोनू ने कहा कि काम हो रहा है, लेकिन धीरे-धीरे। सीवरेज पर काम होना चाहिए। एसवी कॉलेज के बीए प्रथम वर्ष के छात्र मोहित कुमार ने कहा कि युवाओं का वोट चाहिए तो उनके लिए रोजगार लाना होगा। बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र हर्ष कुमार ने कहा कि रोजगार का अकाल पड़ गया है। गांव तक सड़क, नाली और खड़ंजा अभी तक नहीं पहुंचे हैं, जबकि लोगों से रोजगार छिन रहे हैं। जमालपुर बादाम नगर निवासी आयुष कुमार ने कहा कि नेताओं को युवाओं की ज्वलंत समस्या पर ध्यान देना होगा। तभी उन्हें हमारा समर्थन मिलेगा। वहीं गांधीनगर निवासी विशन सिंह ने कहा कि ट्रेनों में जनरल टिकट भी आरक्षण से मिल रही है। 50 रुपये के किराये की जगह 200 रुपये देने पड़ रहे हैं, जबकि आठ दिन पहले आरक्षण कराना पड़ेगा। पैसेंजर बंद हैं। क्या गरीब ट्रेन में चढ़ने नहीं चाहिए। अगर वोट चाहिए तो जनरल टिकट जारी कराना होगा।
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