मेडिकल सर्टिफिकेट लेना है तो 110 रुपये दो, नहीं देने हैं तो सीएमएस से बात कर लो। यह वाकया है जिला अस्पताल के कमरा नंबर 102 का। यहां बैठे बाबू ने गांव मादक टप्पल निवासी युवक सोनवीर सिंह से न केवल बतौर सुविधा शुल्क 110 रुपये मांगे, बल्कि विरोध करने पर विभाग के सीएमएस से मिलने की सलाह दे डाली। इससे वह हैरान रह गया।
मामला सीएमएस तक पहुंचा तो उन्होंने बाबू को डांट फटकार कर और लिए गए पैसे वापस कराकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। उनसे पूछताछ की तो उनका जवाब और भी हैरान करने वाला था कि अभी कोई शिकायत नहीं मिली है, मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गांव मादक टप्पल निवासी सोनवीर सिंह वर्तमान में नौकरी अथवा शिक्षा के चलते गुड़गांव में रहता है। वह सोशल एक्टिविटी में भी खूब सक्रिय है। उसे किसी काम के लिए जिला अस्पताल से मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता थी।
उसका आरोप है कि वह 23 मार्च को दोपहर 1:48 बजे के करीब मलखान सिंह जिला अस्पताल के कक्ष संख्या 102 में पहुंचा और वहां मौजूद बाबू से बात की। बाबू ने उसे सर्टिफिकेट के लिए आवेदन की सलाह दी और 110 रुपये जमा करने की बात कही। विरोध किया तो बोला कि सीएमएस से मिल लो। उसके जवाब से हक्के बक्के सोनवीर ने उस समय बाबू की बात मानते हुए आवेदन किया और 200 रुपये बाबू को दे दिए।
देेते समय चुपके से अपना मोबाइल चालू कर क्लिपिंग बना ली। बाबू ने पहले तो खुले न होने की बात कही, लेकिन जोर देने पर बचे हुए पैसे वापस कर दिए। इसके बाद वह सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर कराने के लिए उसे सीएमएस कार्यालय ले गया। वहां उसने सीएमएस से 110 रुपये लिए जाने के औचित्य पर सवाल उठाया तो उन्होंने तत्काल बाबू को तलब कर डांट लगाई और रुपये वापस करा दिए।