प्रवेश परीक्षा छूटने के बाद परिजनों के साथ जाते छात्र-छात्राएं।
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सर सैयद अहमद खां की बगिया का फूल बनने के लिए बच्चे बेचैन हैं। इसका अहसास रविवार को अलबरकात एवं आयशा तरीन समेत एएमयू के 37 केंद्रों पर आयोजित प्रवेश परीक्षा के दौरान हुआ। क्लास 9 में दाखिला के लिए 420 सीट के विरुद्ध 15287 छात्र-छात्रा शामिल हुए, जबकि 18 हजार से अधिक बच्चों ने आवेदन किया था। यानी एक सीट के लिए 36 से अधिक बच्चों के बीच मुकाबला है।
2913 बच्चे परीक्षा में शामिल नहीं हुए। जंतु विज्ञान विभाग केंद्र पर एक छात्र को संदेह होने पर कंट्रोलर आफिस ले जाया गया, लेकिन फोटो मिलान में वह सही पाया गया। पुराना फोटो लगा देने के कारण कक्ष निरीक्षकों को परीक्षार्थी को लेकर संदेह हुआ था। सबसे बड़ा केंद्र अलबरकात स्कूल रहा, जहां चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और करीब दो हजार से अधिक परीक्षार्थी वहां परीक्षा में शामिल हुए।
खास बात यह रही कि अलीगढ़ एवं उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि बिहार एवं दूसरे प्रदेश से भी काफी संख्या में बच्चे परीक्षा में शामिल होने आए थे। परीक्षा केंद्रों पर अभिभावकों के बैठने के लिए कुर्सी, टेंट एवं पानी आदि के इंतजाम किए गए थे। एएमयू स्कूली शिक्षा निदेशालय के डायरेक्टर प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने बताया कि परीक्षा सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण संपन्न हुई। जानकारों की मानें तो मेरिट 70 से 80 के बीच जाने की उम्मीद है।
एएमयू छात्रों की गैर सरकारी संगठन बदलाव द्वारा परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों की खातिरदारी के लिए शिविर का आयोजन किया गया था। इसमें पानी एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई गई। बदलाव का यह पहला कैंप था। जिब्रान, नेहाल अहमद, शाहिद तुफैल, जाहिद, शमीम, अब्दुल मतीन, इमरान, नुमैर आदि मौजूद थे।