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Cyber Crime: पेंशन और बोनस का लालच दे बैंक खातों से लाखों उड़ा रहे ठग, लगातार बढ़ रही साइबर फिशिंग हैकिंग की वारदात

Sat, 02 Jul 2022 05:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अभिषेक शर्मा, अलीगढ़

सार

इस डिजिटल जमाने में ठग भी कीफी तेज हो गए हैं। साइबर फिशिंग व हैकिंग की वारदातों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। साइबर हैकर नई-नई तकनीक ईजाद कर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प रहे हैं। अगर आप भी ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत साइबर सेल में संपर्क करें।
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Cyber Crime - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कहते हैं लालच बुरी बला है। कमोबेश साइबर हैकर इन दिनों कुछ इसी फंडे का इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगा रहे हैं। कंप्यूटर और इंटरनेट के इस दौर में साइबर फिशिंग व हैकिंग की वारदातों में लगातार इजाफा हो रहा है। आलम ये है कि कभी आपको लालच देकर तो कभी मनोवैज्ञानिक तरीके से फंसाकर हैकर आपके खाते से या तो रकम उड़ा लेते हैं या फिर आपसे अपने खाते में रकम डलवा लेते हैं। इसके बाद आपको ठगी का अहसास होता है। घटना के बाद ठगों को पकड़कर जेल भी भेजा जा रहा है। ठगी की रकम वापस कराई जा रही है। साइबर विशेषज्ञों की राय है कि ठगी होने पर तत्काल साइबर सेल में संपर्क करें ताकि रकम वापस कराई जा सके।
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इन इलाकों में हैं ठगों के अड्डे
एक जमाना था कि साइबर हैकरों का हब सिर्फ जामतारा था, मगर साइबर टीमों की जांच में लगातार अपडेट होने और जानकारियां मिलने पर कई नए ठिकाने सामने आने लगे हैं। इनमें क्रेडिट कार्ड, इनाम, न्यूड ऑनलाइन कालिंग की ठगी का हब दिल्ली, एनसीआर, गुरुग्राम बना हुआ है। सिम संबंधी ठगी का हब महाराजगंज, सीतापुर, लखीमपुर व अमरोहा बना हुआ है। ओएलएक्स व पेटीएम संबंधी धोखाधड़ी का हब मथुरा का मेवात से सटा व अलीगढ़ के टप्पल से सटा क्षेत्र बना हुआ है।

साइबर थाने में दर्ज ठगी के बड़े मुकदमे
केस- 1
सासनी गेट अवतार नगर निवासी सुरेश चंद्र गाजियाबाद में पीएसी से बतौर फालोवर 31 मार्च 2021 को सेवानिवृत्त हुए। हैकरों ने पेंशन भुगतान की प्रक्रिया के नाम पर उनके खाते से 9 लाख रुपया ठगे।
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केस- 2
वर्ष 2022 में इगलास के अनिल कुमार बंसल से साइबर ठगों ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर उनके द्वारा कराई गई बीमा पॉलिसी पर अतिरिक्त बोनस का झांसा देकर 70 लाख रुपये की ठगी कर ली।
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साइबर व सोशल मीडिया टीम लगातार ऑनलाइन हैकिंग पर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि लोगों के रुपये तक वापस कराए हैं, मगर इसमें जरूरत है कि निर्धारित समय में पुलिस के पास आने की। दूसरा सावधानी की। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी

सौ दिन का विशेष जागरूकता अभियान जारी है। इसका लाभ मिला है कि साइबर ठगी की शिकायतों में 25 फीसदी की गिरावट आई है। पिछले माह तक हर दिन शिकायत आती थी। अब दो-तीन दिन बाद शिकायत आती है। - सुरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर साइबर थाना

कोरोना काल में इस अपराध में कुछ ज्यादा ही इजाफा हुआ है। अकेले जिला पुलिस के साइबर सेल के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से अब तक पोर्टल पर ऑनलाइन 1440 और ऑफलाइन यानि सीधे लिखित तौर पर 361 शिकायतें पहुंची हैं। - राकेश कुमार, प्रभारी जिला साइबर सेल

ये हैं साइबर अपराध
- फेसबुक क्लोनिंग: हर दिन अपने फेसबुक दोस्तों से जांचें कि कोई क्लोन तो नहीं है।
- इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम: किसी भी कीमत पर फिशिंग संदेशों से कोई समझौता नहीं करें।
- ओएलएक्स फ्राड: किसी भी लालच में आकर एडवांस भुगतान किसी कीमत पर नहीं करें।
- ऑफर्स से सावधान : सोशल साइट या मोबाइल पर आने वाले ऑफर्स से बचें।
- ऑनलाइन लोन : कभी किसी भी मजबूरी में किसी ऑनलाइन लोन ऑफर से दूर रहें।
- मिस्ड कॉल : 92, 90, 09 या 344 से शुरू होने वाले कॉल से बचें, कॉल बैक भी नहीं करें।
- पासवर्ड-गोपनीयता : अपने सोशल मीडिया एकाउंट व बैंक एकाउंट का पासवर्ड बदलते रहें।
- ऑनलाइन पढ़ाई : कोविड के बाद ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर ठगी बढ़ रही है।
- वैवाहिक फ्रॉड : वैवाहिक विज्ञापन के नाम पर भी फेक एकाउंट से ठगी होती है।
- सिम स्वैप फ्रॉड : हैकर तमाम ऑफर देकर सिम कार्ड स्वैप करके रुपये उड़ा रहे हैं।
- प्रोफाइल हैकिंग : अपने एकाउंट को मल्टी फैक्टर सुरक्षा उपायों से सुरक्षित रखें।
- ऑनलाइन चैट : किसी अज्ञात या अंजान व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत से बचें।
- कमाई वाले ऑफर : किसी तरह की नौकरी, कमीशन वाली कमाई के ऑफर से बचें।
- एनीडेस्क फ्रॉड : किसी लालच में अपने मोबाइल या कंप्यूटर का एक्सेस किसी को न दें।
- वैक्सीन ठग : कोरोना के बाद कोविड की वैक्सीन के नाम पर ठगी के ऑफर आए हैं।
- गूगल सर्च ठगी : आप किसी तरह का गूगल सर्च करते हैं, उस पर नंबरों को परख लें।
- ब्लू बगर : इस एप के जरिये ब्लू टूथ हैकिंग के लिए आपका एक्सेस ले लिया जाता है।
- कॉल फारवर्ड : हैकर अक्सर आपका ओटीपी चुराने के लिए कॉल फारवर्ड/मर्जर करते हैं।
- केवाईसी/कार्ड ब्लॉक : केवाईसी और कार्ड ब्लाक के नाम पर अक्सर ठगी होती है।

ठगी होने से ऐसे करें बचाव
- बैंक की ओर से खाते को लेकर कभी कोई डिटेल नहीं मांगी जाती है, आप कालर को अपनी निजी जानकारी न दें।
- एटीएम पिन का पासवर्ड, ओटीपी समेत अन्य जानकारी भी किसी से शेयर न करें।
- इंटरनेट पर किसी भी संदिग्ध लगने वाले लिंक को क्लिक न करें।
- ऑनलाइन बुकिंग के दौरान प्रचलित मोबाइल एप का ही प्रयोग करें।
- एटीएम केबिन में कार्ड प्रयोग करते समय सतर्क रहें और किसी से मदद न लें।
- एटीएम में स्कैमर लगाकर शातिर लोगों की डिटेल चुरा लेते हैं।
- मोबाइल पर किसी तरह की लाटरी व पुरस्कार के लालच में न पड़ें।

साल दर साल बढ़ा साइबर अपराध-
-2018 में 192 शिकायत आईं।
-2019 में 254 शिकायत आईं।
-2020 में 322 शिकायत आईं।
-2021 में 400 शिकायत आईं।

वर्ष 2022 में अब तक का आंकड़ा
- 60 मुकदमे जिले के थानों में दर्ज।
- 4 मुकदमे साइबर थाने में दर्ज हुए।
- 1802 शिकायत साइबर सेल में दर्ज।
- 68 शिकायत साइबर थाने में दर्ज।

इस वर्ष ये रुपये कराए वापस
- 42.90 लाख साइबर थाने में वापस कराए
- 51.76 लाख रुपये थाने के द्वारा फ्रीज कराए
-16.41 लाख रुपये साइबर सेल ने वापस कराए
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