निकट भविष्य में राशन से मिलने वाला मिट्टी का तेल ढूंढे नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों के कोटे में हर तिमाही की जा रही कटौती से तो ऐसा ही लगता है। यूपी के कोटे में इस तिमाही हुई 36 फीसदी की कटौती के चलते जिले को पिछली तिमाही के मुकाबले 9.24 लाख लीटर मिट्टी का तेल कम मिला है। जानकारों की मानें तो निकट भविष्य में राशन से मिट्टी का तेल मिलना बंद ही हो जाएगा।
जिले को माह करीब 24 लाख लीटर मिट्टी का तेल (केरोसिन) मिलता था। इस बार एक साथ 36 फीसदी की कटौती करते हुए 9 लाख 24 हजार लीटर मिट्टी का तेल कम दिया गया है। हालांकि कटौती का दौर इस वित्तीय वर्ष के शुरुआती माह से ही हो गया था। अप्रैल से जून तक की पहली तिमाही में जिले के कोटे में पांच फीसदी की कटौती की गई थी।
लेकिन इस तिमाही में एक साथ की गई कटौती ने पूर्ति विभाग ही नहीं उपभोक्ताओं का भी गणित बिगाड़ दिया है। इसके चलते पूर्ति विभाग देहाती क्षेत्रों में तीन लीटर प्रति राशन कार्ड के स्थान पर इस बार दो लीटर प्रति राशन कार्ड दे रहा है तो शहरी क्षेत्र में दो लीटर प्रति कार्ड के स्थान पर एक लीटर प्रति कार्ड केरोसिन दे रहा है।
केंद्र सरकार डेवलपमेंट के हिसाब से केरोसिन के कोटे में कटौती कर रही है। सरकार का मानना है कि जिस तरह देश में विद्युतीकरण, रसोई गैस समेत अन्य संसाधनों में बढ़ोत्तरी हुई है और शहरी इलाकों में 20 से 22 घंटे बिजली मिल रही है। उस हिसाब से शहर में रहने वाले लोगों को केरोसिन की जरूरत नहीं है।
देहात में भी उन इलाकों जहां अब तक विद्युतीकरण अथवा रसोई गैस के संसाधन कम हैं, वहां थोड़ी बहुत जरूरत है। इसके अलावा अब सब्सिडी का पैसा भी सीधे उपभोक्ता के खाते में जा रहा है। ऐसे में सरकार राशन में केरोसिन बंद कर सकती है। दिल्ली एवं हरियाणा में केरोसिन का कोटा खत्म कर दिया गया है। मध्य प्रदेश में 63 फीसदी की कटौती की है तो यूपी में 36 प्रतिशत की। इंद्रकुमार तेल वाले, सचिव अलीगढ़ केरोसिन डीलर्स एसोसिएशन
विद्युतीकरण एवं विकास से वंचित देहाती इलाकों के गरीबों को केरोसिन का कोटा कम होने अथवा खत्म होने से सर्वाधिक दिक्कतों का सामना करना होगा। वे तो केरोसिन न मिलने के कारण रोटी तक से वंचित हो जाएंगे।
इस बार जिले को 9 लाख 24 हजार लीटर मिट्टी का तेल कम मिला है। इस वजह से हमने देहात में दो लीटर तो शहरी इलाकों में एक लीटर प्रति राशन कार्ड के हिसाब से मिट्टी का तेल बंटवाया है।
नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी