अगर छोटा बच्चा अलग तरह का व्यवहार करता हो और एक बात को बार-बार दोहराता हो तो चिकित्सक से दिखाएं। यह ऑटिज्म का लक्षण हैं। ऑटिज्म एक मानसिक बीमारी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास मेहरोत्रा कहते हैं कि उनके पास हर महीने ऑटिज्म से पीड़ित एक बच्चा आता है। समस्या यह है कि माता-पिता को शुरू में पता नहीं होता कि उनका बच्चा ऑटिज्म से पीड़ित है। यह बात बहुत बाद में पता चलती है।
इस बीमारी से पीड़ित बच्चे का व्यवहार बिल्कुल अलग होता है। ये एक ही चीज को बार-बार दोहराते हैं। आंख से आंख मिलाने से बचते हैं। इस बीमारी का अभी ठोस उपचार तो नहीं है, लेकिन दो साल के अंदर बीमारी की पहचान होने पर बच्चे में कुछ अधिक सुधार होता है। उनका कहना है कि ऑटिज्म के कारण मानसिक विकास नहीं हो पाता है।
यह सामान्य बच्चों की तरह नहीं रहते। डॉ. विकास ने बताया कि ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों का उपचार थेरेपी के माध्यम से किया जाता है। बिहेवियर थेरेपी और कम्युनिकेशन थेरेपी के माध्यम से व्यवहार एवं बातचीत कैसे करनी है, सिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के प्रति जनजागरूकता की जरूरत है। हर साल 2 अप्रैल को ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया जाता है।