अस्पताल में भर्ती विख्यात कवि पद्मभूषण गोपाल दास नीरज की तबियत में मंगलवार को अच्छा सुधार हुआ। परिजनों का कहना है कि आइसक्रीम खा लेने के कारण उनकी तबियत नासाज हुई थी। नीरज ने कहा कि जब तक मेरी यश भारती की पेंशन जारी नहीं कर दी जाएगी, मैं मरने वाला नहीं हूं। कहा कि मेरी इच्छा मंच पर ही कविता पाठ करते हुए प्राण त्यागने की है। अस्पतालों के कमरे में मेरे प्राण नहीं जाने वाले हैं। मंगलवार को ही एसएसपी राजेश कुमार पांडेय भी उन्हें देखने अस्पताल पहुंचे और उनकी कुशल क्षेम ली।
अस्पताल के बेड पर लेटे नीरज ने कहा कि अभी मेरा कारवां थमने वाला नहीं है। मेरी तबियत खराब होने की सूचना पाकर लोग जाने क्या क्या कयास लगानेे लगे। अभी तो मेरे साथ-साथ मेरी कलम का भी सफर जारी है। परिजनों के मुताबिक पिछले दिनों नीरज ने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरती और एक कार्यक्रम में आइसक्रीम भी खा ली थी। जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई। सोमवार को तबियत खराब होने के बाद उन्हें वरुण स्पेशियलिटी हास्पिटल में भर्ती करा दिया गया था। डॉ. संजय भार्गव ने बताया अब उनकी तबियत में सुधार है, जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
डीएम ने भेंट किया बुके
डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद और एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह ने वरुण ट्रॉमा सेंटर में भर्ती नीरज जी से भेंट कर की। उनसे उनका कुशलछेम पूछा और उन्हेें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। दोनों अफसरों से नीरज जी ने बातें भी कीं।
पद्मभूषण व मशहूर गीतकार डॉ. गोपालदास नीरज की तबीयत खराब होने की खबर से साहित्य जगत ही नहीं, बल्कि समूचा अलीगढ़ फिक्रमंद हो उठा। उनकी तबीयत में सुधार सुगबुगाहट से साहित्य से रचे-बसे कलम और शब्द के पुजारी उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करने लगे। आप भी उनके सेहतमंद होने की दुआ जरूर करिएगा।
नीरज जी ने हमारे शहर ही नहीं, देश का गौरव बढ़ाया है। साहित्य का मान बढ़ाया है। अलीगढ़ का मान बढ़ाया है। हमारी कामना है कि वह शीघ्र से शीघ्र स्वस्थ होकर हमारे बीच फिर से अपने संदेश के रूप में अपनी रचनाएं सुनाएं। नए साल में नई ऊर्जा के साथ हमारे बीच आएं, यही कामना है।
-नमिता सिंह, साहित्यकार
नीरज जी हमारी मूल्यवान साहित्यिक हस्ती हैं। हम उनके शीघ्र स्वास्थ्य की कामना करते हैं। चाहते हैं उनकी छाया और आशीर्वाद हमें मिलती रहे। इस स्तर और इस कद का दूसरा व्यक्ति साहित्य जगत में फिलहाल नहीं है। इसलिए उनके होने का अर्थ अलीगढ़ के लिए भी है और हम सबके लिए भी है।
प्रेम कुमार, साहित्यकार
गोपालदास नीरज जी के स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। दरअसल नीरज जी शहर के नही, बल्कि साहित्य जगत की धरोहर हैं। मुझे आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि जल्द ही वह स्वास्थ्य लाभ लेकर हम लोगों के बीच फिर वही जोश और जज्बे के साथ हाजिर होंगे, जैसे हाजिर होते रहे हैं।
-सुरेश कुमार, साहित्यकार
खुदा से दुआ करती हूं कि नीरज जी जल्द से जल्द सेहतमंद होकर अपने घर आ जाएं। अपने कलम की जादूगरी से लोगों की जुबां पर चढ़ने का माद्दा रखने वाले नीरज जी बहुत जल्द अपने फैन के सामने यह पंक्ति सुनाते नजर आएंगे ‘अब कोई ऐसा मजहब चलाया जाए, जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए।
-रेहाना शाहीन, शायरा
मेरे गुरु दादा (गोपालदास नीरज) मेरे रोम-रोम में बसे हैं। मेरी कामना है कि वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं। सच कहूं कि वह कवि सम्मलेन में अध्यक्षता करते ज्यादा अच्छे लगते हैं, अस्पताल में नहीं है। ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आए। एक बार फिर उनकी रचना सुन सकूं।
-हरीश बेताब, कवि
मशहूर कवि गोपालदास नीरज जी जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ लेने अपने घर वापस आ जाएं। अभी कुछ दिनों पहले वह आशीर्वाद देने केपी पाठशाला आए थे। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह स्वस्थ होकर एक बार फिर वह केपी पाठशाला आकर उन्हें ही नहीं, बल्कि अपने फैन को आशीर्वाद दें।
-अशोक सक्सेना, प्रमुख समाजसेवी