महाशिवरात्रि के पर्व पर भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए हजारों कांवड़ियों के आने से रामघाट रोड पर रुनझुन जारी है। पूरे रामघाट रोड पर दर्जनों सेवा शिविर सजने शुरू हो गए हैं जो कांवड़ियों को जलपान कराने से लेकर आराम कराने तक की सेवा कर रहे हैं।
शहर के मंदिरों में रंगाई पुताई के साथ अलग-अलग आयोजनों की तैयारी होने लगी हैं। श्रीखेरेश्वर धाम मंदिर और श्री अचलेश्वर मंदिर में सजावट होने लगी है। यहां पर भीड़ को देखते हुए बैरीकेडिंग बनने लगी है। पुलिस की मौजूदगी के साथ सेवादारों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। बुधवार और गुरुवार को कावंड़ियों की संख्या हजारों में पहुंच जाएगी।
पंडित आदित्य नारायण अवस्थी ने बताया कि महाशिवरात्रि व्रत 24 फ रवरी शुक्रवार फ ाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि में श्रवण नक्षत्र के दुर्लभ संयोग में मनाई जाएगी। श्रवण नक्षत्र में भगवान शिव की पूजा विशेष फ लदायी होगी। भगवान शिव जल, गंगा जल, दूध , बेलपत्र, धतूरा, भांग से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। शुक्रवार को महाशिवरात्रि होने से महिलाओं के लिए विशेष शुभ फलदायक योग बनेंगे। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का रात्रि काल में रुद्राभिषेक कराने से फ ल कई गुना प्राप्त होता है।
कांवड़ियों के पांवों में पड़ेंगे छाले...
शिवरात्रि पर कांवड़ लेकर जाने वाले कांवड़ियों को इस बार अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा। क्वारसी चौराहे से हरदुआगंज तक की जर्जर सड़क उनका पग पग पर इम्तिहान लेगी तो सड़क पर पड़ी गिट्टियां उनके पांवों को लहूलुहान करने में कसर नहीं छोड़ेगी। बजट की कमी से जूझ रहे लोक निर्माण विभाग ने इसका इंतजाम कर दिया है। क्वारसी से हरदुआगंज तक की सड़क लंबे समय से अपने दुर्दिन देख रही है। सड़क में जगह जगह बड़े बड़े गढ्ढ़े तो पहले से ही वाहन चालक एवं पैदल चलने वालों की नींदें हराम किए हुए थे। रही सही कसर एडीए द्वारा बनाए गए डिवाइडरों ने पूरी कर दी।
डिवाइडर निर्माण के दौरान ठेकेदार की लेबर ने बची खुची सड़क भी खोद डाली।
इधर तालसपुर पुलिया से हरदुआगंज तक के करीब तीन किलोमीटर एरिया को पहले ही कंडम घोषित कर चुका लोक निर्माण विभाग इसकी रिपोर्ट शासन तक भेजकर अपने कर्तव्य की इतिश्री मान रहा है। हालांकि क्वारसी से हरदुआगंज तक की सड़क की मरम्मत के लिये 40 लाख का प्रस्ताव भेजा गया। लेकिन इतनी देरी से कि वह अब तक स्वीकृत नहीं हो सका। शिवरात्रि में मात्र तीन दिन का समय शेष है।
कांवड़ियों का सरकुलेशन दिन प्रतिदिन तेज हो रहा है। ऐसे में सड़क की मरम्मत फिलहाल संभव नजर नहीं आती। ऐसे में कांवड़ियों की दिक्कतें बढ़नी तय हैं।