हाइड्रेंट एक ऐसा नल या पाइप-सिस्टम होता है, जो पानी की सप्लाई लाइन से जुड़ा होता है, जिसका मुख्य काम आग लगने पर अग्निशामकों को पानी की तुरंत और पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति करना है, ताकि आग बुझाई जा सके।
एएमयू मौलाना आजाद लाइब्रेरी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आग बुझाने के लिए लगाए गए हाइड्रेंट काम नहीं कर रहे हैं। लाइब्रेरी के पीछे स्थापित अग्निशमन यंत्र से पाइप गायब मिला है।
विज्ञापन
लाइब्रेरी परिसर में कुल 17 हाइड्रेंट लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश निष्क्रिय हैं। वहीं, फायर अलार्म भी नहीं हैं। आग से निपटने के लिए 78 फायर सिलिंडर लगे हैं। फिर भी हाइड्रेंट सिस्टम का ठप होना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। इसके अलावा, लाइब्रेरी की दीवारों पर सीलन भी दिखाई दे रही है, जो भवन की स्थिति पर सवाल उठाती है। अब सवाल यह है कि किसी आपात स्थिति में आग पर काबू कैसे पाया जाएगा। इस संबंध में लाइब्रेरियन प्रो. निशात फातिमा ने बताया कि हाइड्रेंट के काम न करने की जानकारी इंतजामिया को दी जा चुकी है। फिर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। आपातकालीन निकास द्वार भी हैं।
क्या है हाइड्रेंट
हाइड्रेंट एक ऐसा नल या पाइप-सिस्टम होता है, जो पानी की सप्लाई लाइन से जुड़ा होता है, जिसका मुख्य काम आग लगने पर अग्निशामकों को पानी की तुरंत और पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति करना है, ताकि आग बुझाई जा सके।
विज्ञापन
लाइब्रेरी में 14 लाख से ज्यादा पुस्तकें-पांडुलिपियां
लाइब्रेरी आठ-नौ घंटे नहीं, बल्कि 18 घंटे खुली रहती है। यहां रोजाना करीब आठ हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। यूनिवर्सिटी में 117 विभागों में अलग-अलग पाठ्यक्रमों में 37193 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। लाइब्रेरी में 14 लाख से ज्यादा पुस्तकें और दुर्लभ पांडुलिपियां हैं।