दहेज से ससुरालीजन संतुष्ट नहीं थे। वे बाइक व फ्रिज की मांग करने लगे। इसको लेकर बबली को पीटते थे। बबली कमरे में बेहोश पड़ी थी। मुंह से खून निकल रहा था। शरीर पर गंभीर चोट लगी थी।
अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी क्षेत्र में दहेज हत्या के मामले में अदालत ने मृतका के पति सत्यवीर को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अंजू राजपूत की अदालत ने 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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थाना बन्नादेवी क्षेत्र निवासी संतोष देवी ने आरोप लगाया था कि 16 अप्रैल 2004 को बेटी बबली की शादी चूहरपुर निवासी सत्यवीर से की थी। दहेज से ससुरालीजन संतुष्ट नहीं थे। वे बाइक व फ्रिज की मांग करने लगे। इसको लेकर बबली को पीटते थे। 15 मई 2008 को संतोष का बेटा अमित बबली से मिलने के लिए गया तो उसे घर के अंदर जाने से रोका गया।
शक होने पर अमित अंदर गया तो बबली कमरे में बेहोश पड़ी थी। मुंह से खून निकल रहा था। शरीर पर गंभीर चोट लगी थी। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जेएन मेडिकल काॅलेज में उसकी मौत हो गई। वह गर्भवती थी। बच्चे की भी पेट में ही मौत हो गई। एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर ने बताया कि अदालत ने सत्र परीक्षण व साक्ष्यों के आधार पर सत्यवीर को सजा सुनाई है।