अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के मूसा डाकरी संग्रहालय में सैकड़ों साल पुराने बर्तन, खिलौने, चाकू, तीर सहित अन्य दुर्लभ वस्तुएं हैं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। ये दुर्लभ वस्तुएं 1500 से 2000 ईसा पूर्व की हैं। एएमयू की पुरातत्व विभाग की टीम एटा जिले के जखेड़ा व अतरंजी खेड़ा में कई बार खुदाई कर चुकी है। अगले 15 दिन में विभाग की टीम फिर सर्वे करने के लिए फिर जाएगी।
वर्ष 1964 में एटा जिले के जखेड़ा में एएमयू के प्रो. एमडीएन शाही को खुदाई के दौरान कई दुर्लभ वस्तुएं मिली थीं। इसके बाद वर्ष 1974-75, 1975-76, 1985-86, 1986-87, 1988-99, 1992-93 में भी वहां खुदाई हुई। वहीं, प्रो. आरसी गौड़ की देखरेख में अतरंजी खेड़ा में भी खुदाई हुई थी। इनके अलावा, एएमयु की पुरातत्व विभाग की टीम को इंदौर खेड़ा, दौलतपुर, सिद्धपुर, लाल किला में खुदाई के दौरान दुर्लभ वस्तुएं मिल चुकी हैं।
ये हैं दुर्लभ वस्तुएं
खुदाई में शुंग कुषाण काल व गुप्त काल की मिट्टी के बर्तन, गेंद, मूर्ति, मटका, कटोरी, तीर के ऊपरी हिस्से में लगने वाला भालानुमा हड्डी, पत्थर, मिट्टी के ठप्पे आदि मिले थे। इस स्थान का जिक्र ह्वेनसांग ने भी किया था, जब वह भारत आया था। पहले जो बर्तन मिले थे, वह गेरुए रंग के थे। काले रंग फिर लाल रंग और तांबे के बर्तन मिले, जो अलग-अलग काल के हैं।
एएमयू के पुरातत्व विभाग की टीम एटा जिले में अगले 15 में सर्वे करने जाएगी। अगर पहले की तरह ऐतिहासिक चीजों के मिलने की संभावना होगी तो इस पर टीम मंथन करेगी। एक हफ्ते पहले सर्वे करने टीम गई थी।
- डॉ. विनोद कुमार सिंह, सहायक पुरातत्ववेत्ता, एएमयू।