मानवाधिकार आयोग की टीम की शुक्रवार को भी छापेमारी जारी रही। टीम ने विजयगढ़ रोड स्थित गांव सुहावली के एक ईंट भट्ठे से 81 मजदूरों व उनके परिवारों को बंधन मुक्त कराया है। गुरुवार को भी टीम ने 68 मजदूरों के परिवार को मुक्त कराया था। श्रम विभाग ने सभी मजदूरों और उनके परिवारों को उनके घर बिहार भेज दिया है।
शुक्रवार सुबह श्रम विभाग के कार्यालय में छुड़ाए मजदूरों को लेकर विभागीय लिखा-पढ़ी की जा रही थी। वहीं टीम अन्य मजदूरों को मुक्त कराने के लिए भट्ठे पर रवाना हो चुकी थी। दोपहर में तकरीबन 81 अन्य मजदूरों को और छुड़ाया गया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से ईंट भट्ठे पर बंधुवा मजदूरों से जबरन ईंट पथाई जाने की शिकायत की गई थी। गुरुवार को दिल्ली से आयोग की टीम अलीगढ़ पहुंची।
दो सदस्यीय टीम ने असिस्टेंट लेबर कमिश्नर एसपी मौर्य, श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरएस राठौर, विजय सिंह, रवेंद्र चौधरी से संपर्क करके ईंट भट्ठे पर छापा मारा था। टीम ने 68 मजदूरों को मुक्त कराया था। इनमें कई बाल मजदूर थे। मुक्त मजदूर बिहार के गया, पटना व जहानाबाद शहर के हैं।
मजदूरों को तात्कालिक सहायता के लिए एक-एक हजार रुपये दिए गए। डिप्टी लेबर कमिश्नर जबीं आयशा के मुताबिक, बाकी रुपये मजदूरों के खाते में ट्रांसफर करा दिए जाएंगे।
इसके लिए पटना, गया, जहानाबाद के संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। ईंट भट्ठा संचालक के खिलाफ होली के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।