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बारिश से किसानों के आंसू निकले, ओले से फसलें तबाह

Sat, 11 Mar 2017 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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बेमौसम झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों में तबाही शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा मार आलू, सरसों और गेहूं के किसानों पर पड़ रही है। बारिश के साथ ही तेज हवाओं के चलते बालियों से लदा गेहूं खेतों में पलट गया है। आलू कहीं खेतों में खुदा पड़ा है तो कहीं खुदाई नहीं हुई, जिसमें काले धब्बे पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं सरसों कटी पड़ी है जिसके दाने भी बारिश, ओले और हवाओं से फटकर बिखरने की आशंका में किसान चिंतित हैं।
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अतरौली क्षेत्र के आलू किसान सुखराम सिंह कहते हैं कि आलू खेतों में खुदा पड़ा है। बारिश से आलू सड़ने लगेगा। जिन खेतों में आलू की अभी खुदाई नहीं हुई वह अब लेट खुदेगा। इससे आलू में धब्बा बनेगा। वहीं शीतगृहों के सामने आलू से लदे ट्रैक्टर खड़े हैं बारिश से वह आलू भीग रहा है जो आगे चलकर सड़ सकता है।
किसान जगवीर सिंह कहते हैं कि खेतों में सरसों कटी पड़ी है इससे सूखने के बाद दाना खेत में ही हिल जाएगा। इससे किसानों को नुकसान होगा। चौ. जबर सिंह के अनुसार बारिश के साथ हवा भी चल रही है, इससे गेहूं खेतों में गिरने लगा है। दाना कमजोर होगा। पैदावार भी कम होगा। दो साल से सूखा, बेमौसम बारिश, व फसलों के गिरते रेट को लेकर पहले से परेशान किसानों को इस बारिश ने रुला दिया है। 
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गोंडा क्षेत्र में शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे बारिश के साथ ओले गिरे। एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। दौकोली के प्रधान बबलू सिंह, पूर्व प्रधान मोहरपाल सिंह के अनुसार फसलों को इस बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। इगलास प्रतिनिधि के अनुसार भीगा आलू भंडारित नहीं हो सकेगा। करीब 40 फीसदी गेहूं की फसल बर्बाद होने की किसानों की ओर से बात कही जा रही है। गेहूं और आलू की बर्बादी से छोटे किसान कर्जदार हो जाएंगे।
बिजली गिरने से चीथड़ाें में बदला पेड़ 
गांव भवीगढ़ के जंगल में एक पेड़ पर बिजली गिरी, इससे पेड़ चीथड़ों में बदल गया। गांव के जयेश शर्मा ने बताया कि  बिजली की आवाज इतनी तेज थी कि गांव के लोग बुरी तरह से डर गए। गनीमत रही कि उस वक्त पेड़ के पास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
बैना में पड़े ओले, किसान परेशान
गांव बैना में ओले पड़े। हजारों बीघे गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। उधर भंडारित होने के इंतजार में शीतगृहों के बाहर वाहनों में लदा आलू भीग गया है। पहले ही आलू भंडारण को लेकर किसान चिंतित था, रही सही कसर बारिश ने पूरी कर दी है। धूप निकलने पर भीगा आलू सड़ने की आशंका बढ़ गई है।
तेज हवाओं के साथ बरसे ओले
शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ ओले बरसे। ओलों से कहीं-कहीं पर सफेद चादर सी जमीं पर बिछ गई। गुरुवार को भी दिन में बारिश हुई थी। शुक्रवार को भी खराब मौसम से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं। घर-आंगन से लेकर खेतों तक ओले बरसे। शाम चार बजे से बारिश हुई। गांव वैना से लेकर बूढ़ाका, मानपुर, हामिदपुर, टप्पल, कंसूरा, सिमरौठी, हेतलपुर, पालर, मालव आदि में ओले और बारिश से किसान परेशान रहे।
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