दुबे पड़ाव पर नलकूप से पानी भरने के लिए लगी भीड़।
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एक ओर शहर में रुक-रुक कर बारिश हो रही है वहीं दूसरी ओर दुबे का पड़ाव और आसपास के कई मोहल्लों के घरों के नल सूखे पड़े हैं। तीन दिन से जलापूर्ति ठप होने के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बारिश में भीगते हुए दुबे का पड़ाव स्थित नलकूप से बाल्टी और डिब्बों में पानी भरकर घर ले जाने को मजबूर हैं।
बृहस्पतिवार को भी नलकूप पर पानी भरने वालों की लंबी कतार लगी रही। किसी के हाथ में बाल्टी थी तो कोई डिब्बा लेकर अपनी बारी का इंतजार करता दिखा। लोगों का कहना है कि तीन दिन से घरों के नलों में पानी नहीं आया है। पीने के पानी से लेकर खाना बनाने और अन्य घरेलू जरूरतों तक के लिए उन्हें काफी दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
दुबे का पड़ाव के साथ मानिक चौक, धोबी वाली गली, पत्तल वाली गली और कोयला वाली गली भी जल संकट से जूझ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुबे का पड़ाव पर ही लगे दूसरे नलकूप का वाल्व खराब होने पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इसकी शिकायत कई बार नगर निगम और जलकल विभाग से की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। बारिश के बीच बार-बार दूसरे नलकूप तक जाना महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुश्किल बन गया है।
लोगों ने मांग की है कि जलापूर्ति जल्द बहाल की जाए। जब तक व्यवस्था सामान्य नहीं होती, तब तक प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजे जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
दुबे का पड़ाव इलाके में पानी की समस्या का समाधान कराया जाएगा। नलकूप की खराबी दूर कराई जा रही है। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर भी भेजे जा रहे हैं।
-अजय सक्सेना, प्रभारी महाप्रबंधक, जलकल