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Aligarh News: बारिश में मकान गिरा, राजस्व टीमों ने सर्वे किया पर ढेला न मिला...

Sun, 26 Jan 2025 01:38 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
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विश्व की आर्थिक महाशक्ति में शामिल होने की दौड़ में शामिल होने की उम्मीदों के साथ जब हम गणतंत्र का उत्सव मनाने जा रहे हैं, तब सरकारी सिस्टम के कार्य करने का तरीका आमजन को रह-रहकर कचोट रहा है। बारिश के दौरान गांवों में लोगों के मकान गिरे। राजस्व विभाग की टीमों ने गांव-गांव सर्वे किए। दैवीय आपदा से नुकसान भी पाया, लेकिन जिनके घर गिरे उनके आंसू पोछने के लिए एक ढेला की सहायता राशि आज तक नहीं मिल सकी।
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सितंबर माह में हुई भारी बारिश में गांव राजमार्गपुर निवासी कमल सिंह का मकान गिर गया था। कमल सिंह मजदूरी करते हैं। उनके पास इतनी रकम नहीं कि दोबारा मकान का निर्माण करा सकें। उनकी पत्नी कमलेश देवी ने बताया कि पॉलीथिन डालकर परिवार के साथ रह रही थीं। शीतलहर में एक स्कूल प्रबंधक ने रहम करके कुछ दिन के लिए अपने यहां एक कमरा दे दिया है। इसी में समय काट रही हैं। राजस्व टीम ने सर्वे किया था तब आश्वासन मिला था कि सहायता राशि मिलेगी, लेकिन आज तक फूटी कौड़ी नहीं मिली।
इसी गांव के रूप किशोर का भी मकान गिरा था। उनके पास रहने की जगह नहीं है। वह खेत में झोपड़ी डालकर रहते हैं। शीतलहर से बचने के लिए कहीं जगह नहीं थी तो पत्नी-बच्चों को लेकर कुछ दिन के लिए मायके चले गई है ताकि सर्दियों का समय वहां कट जाए। इनके यहां भी सर्वे किया गया था, लेकिन मिला कुछ नहीं।
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गांव जगतपुर निवासी हरवीर सिंह का भी मकान गिरा और गाय मरी। राजस्व टीम ने भी सर्वे में पाया था कि हरवीर का मकान गिरा है और उसमें पशु हानि हुई है। पशु चिकित्सा विभाग भी लिखकर दे चुका है कि मृत गाय हरवीर सिंह की ही थी। इसके बाद भी हरवीर सिंह आज तक प्रशासन के समक्ष यह साबित नहीं कर सके कि मृत गाय उनकी ही थी। महीनों चक्कर काटे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

कोट...
- प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।- रामगोपाल, तहसीलदार
- कमल सिंह और रूपकिशोर के नाम आवास सत्यापन की सूची में शामिल हैं। जल्द ही इनको आवास मिलने की उम्मीद है। -भगवान सिंह, प्रधान।
- जब किसी को कुछ मिलना ही नहीं तो प्रशासन सर्वे कराने का नाटक क्यों करता है। संविधान लागू हुए 75 साल से अधिक हो गए, लेकिन सरकारी सिस्टम पुराने ढर्रे पर है। - केपी सिंह, पूर्व जिपं सदस्य।
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