जीटी रोड स्थित नाला निर्माण के दौरान ढहे दुकान-मकान।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत जीटी रोड पर सड़क और नाला निर्माण में लापरवाही से मंगलवार की रात को बड़ा हादसा हो गया। खोदे गए गड्ढे में पानी भरने से दो मकान और एक दुकान ध्वस्त हो गई, जबकि पार्षद के मकान की छत का हिस्सा गिरने के साथ ही छह घर गिरने के कगार पर पहुंच गए। दुकान गिरने से दुकानदार के पिता को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे पीडब्लूडी व नगर निगम के अधिकारियों ने पंपिंग सेट लगवाकर पानी को निकलवाया, जिसके बाद जीटी रोड पानी और कीचड़ से लबालब हो गया। पूरे दिन राहगीरों और लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत लगभग 68 करोड़ रुपये से सूत मिल चौराहा से भांकरी तक छह किलोमीटर फोरलेन सड़क व नाला निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
यह कार्य लोक निर्माण विभाग के अधीन अमित टेडर्स कंपनी कर रही है। इस कंपनी के कार्य पर पहले जनप्रतिनिधियों ने भी सवाल उठाया था। पार्षद हरिशंकर का आरोप है कि जेसीबी मशीनों से 300 से 400 मीटर की दूरी तक 12 से 15 फीट गहरे गड्ढे खोदकर बिना सुरक्षा उपाय किए उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है।
मंगलवार को हुई बारिश से सारसौल स्थित खोदे गए नाले के गड्ढे में पानी भर गया। इस कारण अनिल कुमार व कमलेश देवी का मकान ढह गया। इनके बगल में स्थित साईं ज्वेलर्स की दुकान भी धराशायी हो गई। दुकान में करीब चार से पांच लाख रुपये के जेवरात और अन्य सामान रखे थे। पार्षद हरिशंकर के मकान की छत का अगला हिस्सा टूटकर गिर गया और मकान झुक गया। इसके अलावा कालीचरन, इंद्रपाल व रूपकिशोर समेत छह लोगों के मकान भी गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं।
बुधवार की सुबह पार्षद हरिशंकर के नेतृत्व में लोगों ने प्रदर्शन किया। पार्षद ने सुबह ही लोक निर्माण विभाग व नगर निगम के अधिकारियों को फोन पर जानकारी दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने महापौर से लेकर सांसद तक को इस घटना की जानकारी दी, जिसके बाद सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह व पीडब्लूडी के एई मौके पर पहुंच गए। सीईओ स्मार्ट सिटी योजना प्रेमप्रकाश मीणा का कहना है कि सहायक नगर आयुक्त को भेजकर मौके का मुआयना कराया गया। पानी की निकासी कराके नाला निर्माण को तेज गति से पूरा करने कराने के निर्देश दिए गए हैं।