हाल ही में, बिहार के भोजपुर जिले के ईश्वरपुरा गांव निवासी अविनाश कुमार सिंह, जो दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं, को इस गैंग ने अपना निशाना बनाया। कुछ दिन पहले महिला ने अविनाश को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और दोस्ती कर ली। प्यार भरी बातों से अविनाश को अपने झूठे प्रेम जाल में फंसा लिया। इसके बाद दोनों ने फोन नंबरों का आदान-प्रदान किया और लंबी चैटिंग करने लगे।
महिला ने अविनाश को 2 जून को अलीगढ़ में खैरेश्वर मंदिर के पास मिलने बुलाया। अविनाश के वहां पहुंचने पर, महिला के पति और उसके साथी ने उसे जबरन एक बाग में ले जाकर लूटपाट की और फिर मौके से फरार हो गए। अविनाश ने अतरौली थाने पहुंचकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई।
24 घंटे के अंदर में दबोचा गैंग
पुलिस ने इस मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज की और सर्विलांस, क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग और पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया। युवक से मिली जानकारी, महिला के सोशल मीडिया डिटेल्स और कॉल डिटेल्स के आधार पर, पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे अतरौली स्थित कासिमपुर पुलिया के पास से गैंग के सदस्यों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कविता और उसके पति मोहित निवासीगण कुसेहा फतेहाबाद थाना डिबाई जिला बुलंदशहर और आकाश निवासी श्याम वाटिका अतरौली के रूप में हुई है। तीनों को लूटे हुए माल और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
6-7 वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने इस तरह की 6-7 वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने लूटा हुआ माल और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। इस कार्रवाई से अतरौली पुलिस ने एक बड़े हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश कर कई लोगों को संभावित ठगी का शिकार होने से बचाया है।