2 फरवरी को वसंत पंचमी है। इस दिन से ऋतु चक्र में परिवर्तन होना माना जाता है। इस अवसर पर शहर में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें सरस्वती मां की वंदना, हवन, पूजन और भंडारा आदि शामिल हैं। कई स्थानों पर महिलाएं पीले वस्त्र पहन कर मां सरस्वती की पूजा अर्चना करेंगी। साथ ही चौराहों पर होलिका दहन के लिए लकड़ी रखी जाएगी।
पौराणिक मान्यता है कि सृष्टि का निर्माण करने के बाद ब्रह्मा जी ने जब अपनी बनाई हुई सृष्टि को देखा, तो वह शांत नजर आई, क्योंकि इसमें न तो कोई स्वर था और न ही वाणी। इसके बाद ही ब्रह्मा ने विष्णु के पास जाकर उनकी वीणा के स्वर से देवी सरस्वती का आह्वान किया। सृष्टि के निर्माण के समय देवी सरस्वती वसंत पंचमी के दिन प्रकट हुई थीं, इसलिए वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है।